Delhi Crime: अस्‍पतालों में डॉक्‍टर्स व नर्सों की लगवाते थे फेक जॉब, द‍िल्‍ली पुल‍िस ने नोएडा से क‍िया फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़


नई द‍िल्‍ली. द‍िल्‍ली पुल‍िस (Delhi Police) के शाहदरा ज‍िला की साइबर थाना पुल‍िस (Cyber ​​Crime) ने एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर आठ लोगों को ग‍िरफ्तार क‍िया है. साइबर थाना पुलिस ने नोएडा सेक्टर-10 में छापेमारी कर इस फर्जी कॉल सेंटर (Fake Call Center) का भंडाफोड़ क‍िया है. ग‍िरफ्तार आरोप‍ियों में दो कॉल सेंटर मालिक और 6 अन्‍य सदस्‍य शाम‍िल हैं. इनमें तीन महिलाएं भी शाम‍िल हैं. इस फर्जी कॉल सेंटर के जर‍िए डॉक्टर और नर्सों को अस्पतालों में नौकरी दिलवाने का गोरखधंधा क‍िया जा रहा था.

फर्जी कॉल सेंटर के माल‍िकों में प्रवींद्र कुमार झा और अमित कुमार शाम‍िल हैं. वहीं अन्‍य आरोप‍ियों में शिव कुमार, मो. नूरुलहक अंसारी, मोहित व तीनों महिलाएं टेलीकॉलर का काम करतीं थीं. पुलिस को आरोपियों के पास से कुछ डॉक्टरों और नर्सों का डाटा भी मिला है.

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शाहदरा ज‍िला डीसीपी आर सत्य सुंदरम के मुताब‍िक फर्जी कॉल सेंटर चला रहे आरोपी अब तक 100 से ज्‍यादा लोगों को अपना श‍िकार बना चुके हैं और उनसे करीब 30 लाख रुपये से ज्‍यादा की ठगी को अंजाम दे चुके हैं. सूरजमल विहार में रहने वाली दंत चिकित्सक डॉक्टर आयुषी डागा ने शाहदरा जिले के साइबर थाने में ठगी की शिकायत की थी. उन्होंने बताया कि पिछलों कुछ द‍िनों पहले उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से फोन आया था. उसने अपना नाम कुणाल त्रिपाठी बताया और खुद को नौकरी दिलाने वाली एक प्लेसमेंट कंपनी का कर्मचारी बताया.

उसने कहा कि एक बड़े अस्पताल में दांतों के डॉक्टर का पद खाली है. उसने डॉक्टर आयुषी डागा को उस अस्पताल में नौकरी दिलाने की बात कही व ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कहा. आयुषी उसके झांसे में आ गई और उन्‍होंने 3,500 रुपये प्लेसमेंट कंपनी में रजिस्ट्रेशन के लिए भेज दिए.

इसके बाद आरोपियों ने उनसे आवेदन प्रक्रिया के नाम पर कई बार में 99 हजार रुपये जमा कर लिए. इसके बाद आरोपियो ने पहले उनका फोन उठाना बंद कर दिया. वहीं, कुछ दिनों बाद आरोपियों का फोन भी बंद हो गया. इसके बाद उन्हे अपने साथ ठगी होने का आभास हुआ. पीड़‍िता ने इस मामले में शाहदरा साइबर थाना पुलिस को श‍िकायत दी ज‍िस पर एफआईआर दर्ज कर मामले में जांच शुरू की गई.

डीसीपी के मुताब‍िक आरोपियों के बैंक खाते की जानकारी ली गई. इस दौरान पता चला कि तीन अलग-अलग बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. तीनों खाते फर्जी कागजात के आधार पर खुले हुए थे. इन खातों से रुपये नोएडा सेक्टर-11 और सेक्टर-44 के एटीएम से निकाले गए थे.

पुलिस ने कॉल करने वाले नंबरों के सीडीआर की जांच की तो पता चला कि कॉल नोएडा सेक्टर-10 से की जा रही थी. पुलिस ने स्थानीय मुखबिरों व सर्विलांस तकनीक की मदद ली तो पता चला कि सेक्टर-10 में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी के लिये कॉल सेंटर चलाया जा रहा है. मंगलवार को पुलिस की टीम ने कॉल सेंटर पर छापेमारी कर आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

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