Best movies for mother’s day : मां के साथ देखें ये बॉलीवुड फिल्‍में, एंटरटेनमेंट के साथ मजबूत होगा बॉन्‍ड


सिंगल मदर – शायद ही कोई ऐसी औरत होगी जो अपने लिए इस मुश्किल सफर को चुनना चाहे लेकिन जब किस्‍मत में लिखा हो, तो सब कुछ सहना पड़ता है। सिंगल मदर भी कई महिलाओं की जिंदगी का एक सच बन चुका है।

सिनेमा हमारे समाज का आईना है, इसलिए समाज में कोई भी ऐसा मुद्दा नहीं है जिसको भारतीय सिनेमा द्वारा संबोधित नहीं किया गया हो। ऐसे ही सामाजिक मुद्दों में से एक महत्वपूर्ण मुद्दा है सिंगल मदर का। सिंगल मदर के जीवन में कठिनाइयां तो होती ही हैं साथ ही साथ समाज भी उन्हें अच्छी नजरों से नहीं देखता। हिंदी सिनेमा में सिंगल मदर को लेकर कुछ ऐसी फिल्में बनाई गई हैं जो शायद समाज का नजरिया बदल सकती हैं। इस मदर्स डे पर आप अपनी मां के साथ सिंगल मदर्स पर बनीं कुछ फिल्‍में देख सकते हैं।

नील बट्टे सन्नाटा

2016 में बनी इस मूवी में स्वरा भास्कर ने सिंगल मदर का किरदार निभाया था, जो अपना घर चलाने के लिए दूसरों के घरों में काम करने जाया करती थी। खुद पढ़ी-लिखी ना होकर भी वो अपनी बेटी को बहुत पढ़ाना चाहती थी और चाहती थी कि वो उसकी तरह ना बने। वो चाहती थी कि उसकी बेटी बड़े सपने देखे और इसके लिए हर दिन वो भरपूर प्रयास करती थी ताकि उसकी बेटी की पढ़ाई जारी रह सके।

​जज़्बा

ऐश्वर्या राय ने जज़्बा फिल्म में सिंगल मदर का किरदार निभाया था। वो इस फिल्म में लॉयर के रूप में अभिनय कर रही थीं। इस फिल्म में उनकी बेटी को किडनैप करके एक रेपिस्ट के पक्ष में केस लड़ने के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा था ताकि वो अपनी बेटी को किडनैपर के चंगुल से बचा सकें। इस फिल्म में उनके अलावा दिग्गज अभिनेता इमरान खान भी थे। जज़्बा फिल्म ऐश्वर्या रॉय की कमबैक मूवी थी। इस मूवी से पता चलता है कि मां अपने बच्‍चे के लिए अकेले ही काफी है।

फोटो साभार : TOI

​कहानी 2

-2

विद्या बालन अपने अभिनय से छाप छोड़ने में कभी भी नहीं चूकीं और इसका एक और सबूत है साल 2016 में बनी कहानी 2 मूवी। यह फिल्म एक सिंगल मदर की है, जिसमें वह मिनी की मां का किरदार निभाती नजर आईं जो पैरालिसिस से पीड़ित है। एक्ट्रेस की बेटी किडनैप हो जाती है जिसे ढूंढते हुए उसका एक्सीडेंट हो जाता है। इस फिल्म में सिंगल मदर के दर्द को बखूबी दिखाया गया है। यह फिल्म और भी ज्‍यादा इमोशनल हो जाती है, जब पता चलता है कि मिनी विद्या की बेटी है ही नहीं।

फोटो साभार : TOI

​पा

पा फिल्म केवल प्रोगेरिया से पीड़ित बच्चे की कहानी नहीं है बल्कि इसमें मां-बेटे के खूबसूरत रिश्ते को भी दिखाया गया है। विद्या बालन इस फिल्म में एक गाइनोकोलॉजिस्ट हैं जो 12 साल के बच्चे ऑरो की सिंगल मदर भी है। इस फिल्म में ऑरो को प्रोगेरिया नामक बीमारी से पीड़ित दिखाया जाता है। विद्या तब चौंक जाती है जब उन्हें पता चलता है कि ऑरो को उसके स्कूल में बेस्ट स्टूडेंट का अवॉर्ड और कोई नहीं बल्कि अमोल नामक शख्स दे रहा है जो पहले उसका बॉयफ्रेंड था और ऑरो का बायोलॉजिकल पिता भी है।

फोटो साभार : TOI

​आजा नचले

आजा नचले, सिंगल मदर दीया (माधुरी दीक्षित) की कहानी है, जो अपने अंतिम सांसे ले रहे डांस टीचर से मिलने अपनी बेटी राधा के साथ अपने होम टाउन आती है। डांस टीचर के गुजर जाने के बाद वह निर्णय लेती है कि वह अपने पुराने डांस थिएटर को उजड़ने नहीं देगी और वहीं रुक जाती है।

फोटो साभार : TOI

​भारत माता

भारत माता, भारतीय सिनेमा की सबसे प्रशंसित और क्लासिक सिनेमा की झलक है। इसमें नर्गिस, सुनील दत्त, राजकुमार और राजेंद्र कुमार जैसे महान कलाकार हैं। इस फिल्म में सिंगल मदर के संघर्ष को दिखाया गया है जो लालची जमींदार के दमन से अपनी इज्जत और अपने बच्चों को बचाए रखती है। 1957 में बनी इस फिल्म को भारतीय सिनेमा का सबसे उत्कृष्ट काम माना जाता है।

फोटो साभार : TOI



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