5 क्षेत्रों में अवैध कारोबार से भारत को 16 लाख नौकरी, 58 हजार करोड़ रुपये के टैक्स का घाटा: फिक्की


नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) की ओर से गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2019-20 में पांच प्रमुख उद्योगों में अवैध उत्पादों का कारोबार 2.6 लाख करोड़ रुपये का था.

कुल मिलाकर नकली सामानों से सरकारी खजाने को 58,521 करोड़ रुपये का कर घाटा हुआ है.

इलिसिट मार्केट: ए थ्रेट फॉर नेशनल इंटरेस्ट ‘ रिपोर्ट में देशभर के पांच प्रमुख उद्योगों- मोबाइल फोन, शराब, तंबाकू उत्पाद, फास्ट एंड मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) घरेलू और व्यक्तिगत सामान और एफएमसीजी पैकेज्ड फूड को सर्वे में शामिल किया था.

यह सर्वे दिल्ली के थिंक टैंक, थॉट आर्बिट्रेज रिसर्च इंस्टीट्यूट ने फिक्की की कमेटी अगेंस्ट स्मगलिंग एंड कॉउन्टरफेइट एक्टिविटीज डिस्ट्रॉयिंग द इकोनॉमी (कास्कैड) के लिए किया था. यह रिपोर्ट मूल्यांकन और टैक्स के होने वाले नुकसान के अलावा, इसकी वजह से रोजगार में आने वाले कमी की भी गणना करती है. साथ ही रिपोर्ट में इस मसले को हल करने के लिए संभावित कदमों की सिफारिश भी की गई.

क्या है गैर-कानूनी व्यापार? इसकी गणना कैसे की जाती है?

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