‘सीपेक’ परियोजनाओं में तीसरे पक्ष की भागीदारी पर भारत उसी के मुताबिक व्यवहार करेगा: MEA


नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) परियोजनाओं में तीसरे देशों के भाग लेने और किसी भी पार्टी द्वारा ऐसी गतिविधि के बारे में रिपोर्ट देखी है जो सीधे भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत ‘तथाकथित सीपीईसी’ में परियोजनाओं का दृढ़ता से और लगातार विरोध करता है, जो कि भारतीय क्षेत्र में हैं और पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है.

आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘ऐसी गतिविधियां स्वाभाविक रूप से अवैध, नाजायज और अस्वीकार्य हैं, और भारत के मुताबिक उनके साथ व्यवहार किया जाएगा.’

सीपीईसी परियोजनाओं में तीसरे देशों की भागीदारी के संबंध में मीडिया के सवालों के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा: ‘हमने तथाकथित सीपीईसी परियोजनाओं में तीसरे देशों की प्रस्तावित भागीदारी को बढ़ावा देने पर रिपोर्ट देखी है.’

उन्होंने कहा, ‘किसी भी पार्टी द्वारा इस तरह की कोई भी कार्रवाई सीधे तौर पर भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है.’

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