वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी: स्किन पर इन तीन तरह के रैश हैं तो हो जाएं सावधान, आपको हो सकता है ओमिक्रॉन


  • Hindi News
  • Happylife
  • If There Are These Three Types Of Rash On The Skin, Then Be Careful, You May Have Omicron

11 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने कोरोना के मरीजों में एक नए तरह का लक्षण पाया है। इसका कनेक्शन सीधे-सीधे ओमिक्रॉन वैरिएंट से है। किंग्स कॉलेज लंदन और स्वास्थ्य विज्ञान कंपनी ZOE के विशेषज्ञों के अनुसार, कई मरीजों को स्किन पर असामान्य रैश और खुजली हो रही है। ऐसे में स्किन से जुड़े किसी भी प्रकार के परिवर्तन पर नजर रखना जरूरी है।

तीन तरह के स्किन रैश से रहें सतर्क

रिसर्च के मुताबिक, कोरोना वायरस के कारण होने वाले स्किन रैश को तीन कैटेगरीज में बांटा जा सकता है..

1. शीत पित्त जैसा रैश: इसमें स्किन पर अचानक चकत्ते आते हैं, जिसके कारण बहुत खुजली होती है। ये कुछ ही समय में अपने आप गायब भी हो जाते हैं। शीत पित्त शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकता है। आम तौर पर ये एलर्जी होने का लक्षण होता है। वैज्ञानिकों की मानें तो ये रैश कोरोना संक्रमण की शुरुआत में ही दिखाई देने लगता है।

2. घमौरी या चिकन पॉक्स जैसा रैश: ये अधिकतर कोहनी, घुटने और हाथों और पैरों के पीछे होते हैं। ये छोटे, लाल और खुजली वाले चकत्ते होते हैं, जो हफ्तों तक आपको परेशान कर सकते हैं।

3. चिल्ब्लेन (बिवाई): वैसे तो ये रैश ठंड के समय होता है, लेकिन अब कोरोना इन्फेक्शन के दौरान इसे ज्यादा देखा जा रहा है। इसमें व्यक्ति के पैरों और हाथों की उंगलियों में लाल और बैंगनी रंग के चकत्ते पड़ते हैं। इनमें खुजली की जगह सूजन होती है। ये लक्षण अधिकतर युवाओं में संक्रमण के कुछ दिन बाद देखने को मिलता है।

कई मरीजों को स्किन पर असामान्य रैश और खुजली हो रही है।

कई मरीजों को स्किन पर असामान्य रैश और खुजली हो रही है।

ऐसे हुई रिसर्च

वैज्ञानिकों ने ZOE कोविड स्टडी ऐप से 3 लाख 36 हजार यूजर्स के डेटा पर रिसर्च की। इसमें पाया गया कि 8.8% कोरोना पॉजिटिव मरीजों को किसी तरह का स्किन रैश था। यह उनके संक्रमण का लक्षण था। साथ ही, 8.2% लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने अपना कोविड टेस्ट नहीं करवाया था, लेकिन उन्हें कोरोना के नॉर्मल लक्षणों के साथ स्किन रैश भी था।

रैश को ध्यान से जांचने के लिए वैज्ञानिकों ने ऑनलाइन सर्वे भी किया। इसमें 12 हजार कोरोना से पीड़ित या लक्षण वाले लोगों के स्किन रैश की तस्वीरें मांगी गईं। जांच में 17% कोरोना पॉजिटिव लोगों ने स्किन रैश को अपना पहला लक्षण बताया। वहीं, हर 5 में से 1 व्यक्ति ने स्किन रैश को कोरोना इन्फेक्शन का एक मात्र लक्षण माना।

रिसर्च में हर 5 में से 1 व्यक्ति ने स्किन रैश को कोरोना इन्फेक्शन का एक मात्र लक्षण माना।

रिसर्च में हर 5 में से 1 व्यक्ति ने स्किन रैश को कोरोना इन्फेक्शन का एक मात्र लक्षण माना।

कोरोना से स्किन पर रैश होना कोई बड़ी बात नहीं

रिसर्च में वैज्ञानिकों ने माना है कि कई तरह के वायरल इन्फेक्शन्स से स्किन पर चकत्ते होते हैं। चूंकि कोरोना भी एक वायरस है, इसलिए संक्रमण के दौरान स्किन पर रैश होना कोई बड़ी बात नहीं है। डॉक्टरों के सुझाव के अनुसार, यदि आपको किसी तरह का स्किन रैश होता है, तो खुद को आइसोलेट कर कोविड टेस्ट जरूर करवाएं।

नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के अन्य लक्षणों में सर्दी, खांसी, गले में खराश, स्वाद और गंध न आना, भूख न लगना, हरारत और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.