राजस्थान: फीस जमा न होने पर निजी स्कूल ने चालीस विद्यार्थियों को चार घंटे तक कमरे में बंद किया


घटना जयपुर के सुबोध पब्लिक स्कूल की है. अभिभावकों का आरोप है कि मंगलवार को 8वीं से 12वीं कक्षा के लगभग 40 विद्यार्थियों को फीस के बकाया भुगतान को लेकर तक़रीबन चार घंटे के लिए एक कमरे में बंद रखा गया. इस दौरान न उन्हें शौचालय का इस्तेमाल करने दिया गया, न ही उन्हें खाना खाने की अनुमति दी गई.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: जयपुर के सुबोध पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों के अभिभावकों का आरोप है कि मंगलवार को 8वीं से 12वीं कक्षा के लगभग 40 विद्यार्थियों को फीस नहीं देने पर एक कमरे में बंद कर दिया गया.

दैनिक भास्कर के अनुसार, इन बच्चों को चार घंटे से अधिक समय तक स्कूल की लाइब्रेरी में बंधक बनाए रखा गया.

अख़बार के मुताबिक, मंगलवार को आठवीं से बारहवीं के इन विद्यार्थियों को पहले पीरियड के बाद लाइब्रेरी में बुलाया गया था और स्कूल के आठवें पीरियड तक, यानी सुबह लगभग 10 से दोपहर 2 बजे तक वहीं रखा गया.

बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि इस दौरान छात्रों को न तो शौचालय जाने दिया गया और न ही उन्हें खाना खाने की अनुमति दी गई. मोबाइल लेकर गए कुछ विद्यार्थियों द्वारा उनके परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने स्कूल पहुंचकर विरोध किया. इसके बाद वहां पहुंची पुलिस की टीम ने बच्चों को लाइब्रेरी से निकाला.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, वहीं, स्कूल के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार याद दिलाने के बावजूद अभिभावक स्कूल को यह कहते हुए धमकी दे रहे थे कि ‘वे फीस नहीं देंगे लेकिन अपने बच्चों को स्कूल भेजना जारी रखेंगे।.’

सुबोध पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल कमलजीत यादव ने कहा, ‘हमने इन अभिभावकों को पत्र, कॉल और यहां तक कि छात्रों के माध्यम से बार-बार रिमाइंडर भेजा है, लेकिन वे फीस भुगतान से इनकार कर रहे हैं और हमें ब्लैकमेल कर रहे हैं. हमें कार्रवाई करनी थी और माता-पिता अब भी हमें धमकी दे रहे हैं. कुछ माता-पिता ऐसे भी हैं जिन्होंने पिछले छह महीने से फीस नहीं चुकाई है.’

गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में छात्रों को यह कहते हुए देखा जा सकता है कि उन्हें मंगलवार को उनकी कक्षा में नहीं भेजा गया और सुबह करीब 9:30-10 बजे के बाद एक अलग कमरे में बैठाया गया.

प्रिंसिपल कमलजीत यादव ने इन आरोपों को निराधार बताया है. उन्होंने कहा, ‘झूठे आरोप लगाकर स्कूल प्रबंधन पर दबाव बनाया जा रहा है. हमारे स्कूल में किसी भी विद्यार्थी को फीस जमा न करने की वजह से बंद नहीं किया गया है. जो वीडियो सामने आया है, उसे गलत तरीके से शूट करके वायरल किया जा रहा है. यह पूरी तरह गलत है.’

हालांकि, अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन की ओर से फीस जमा नहीं होने की वजह से बच्चों को परेशान किया जा रहा है. बीते 2 सालों की फीस दी गई है, बस पिछले कुछ महीनों की फीस ही बकाया है.

इस बीच, राजस्थान अभिभावक मंच के अध्यक्ष सुनील यादव ने कहा कि स्कूल का ऐसा बर्ताव स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम समझते हैं कि स्कूल को कामकाज के लिए फीस की जरूरत होती है, लेकिन वे माता-पिता को बताए बिना पूरे दिन के लिए छात्रों को कमरे में बंद नहीं कर सकते हैं. स्कूल बच्चों को वापस घर भी भेज सकता था लेकिन उन्हें ऐसे बंद करना स्वीकार्य नहीं है.’

वहीं, अभिभावक एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष मनीष विजयवर्गीय ने भी इस घटना की निंदा की और कहा, ‘स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस जमा नहीं कराने वाले स्टूडेंट्स को पिछले कुछ वक्त से मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा था. मंगलवार को उन्हें लाइब्रेरी में कैद किया गया, जो पूरी तरह गलत है. शिक्षा विभाग को स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए.’





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