रसोई गैस सिलेंडर के दाम 50 रुपये बढ़े, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमत



कांग्रेस ने शनिवार को सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की ताजा बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार को यह बढ़ोतरी वापस लेनी चाहिए तथा सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम को घटाकर साल 2014 के समय रही कीमत के बराबर लाना चाहिए.

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने यह दावा भी किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले आठ वर्षों में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 585 रुपये की बढ़ोतरी की है और सब्सिडी भी पूरी तरह खत्म कर दी है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘संप्रग सरकार के दौरान एलपीजी सिलेंडर का दाम 414 रुपये था. हर सिलेंडर पर 827 रुपये की सब्सिडी दी जाती थी. आज सिलेंडर की कीमत 999 रुपये है. सब्सिडी की राशि शून्य है. मोदी सरकार ने उन सभी सुरक्षा कवचों को हटा दिया है जिनकी व्यवस्था कांग्रेस ने आम आदमी की सुरक्षा के लिए की थी.’

उन्होंने कहा, ‘आज लाखों भारतीय परिवार अत्यधिक महंगाई, बेरोजगारी और खराब शासन के खिलाफ एक कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘आज करोड़ों घर महंगाई, बेरोजगारी और खराब शासन की वजह से मुश्किल का सामना कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी कभी भी ऐसा नहीं होने देती. हमने हमेशा जरूरतमंद परिवारों की मदद की है और हमेशा करेंगे.’

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘भाजपा मालामाल, जनता बेहाल. भाजपा राज में सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर का दाम ढाई गुना अधिक हो चुका है. रसोई गैस अब मध्यम वर्ग और गरीब वर्ग की पहुंच से बाहर हो चुकी है.’

उनके मुताबिक, मई 2014 में सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 414 रुपये थी जो आज 999.50 रुपये हो चुकी है, यानी इसमें 585 रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है.

सुरजेवाला ने सरकार से आग्रह किया, ‘सब्सिडी वाली रसोई गैस की कीमत को घटाकर 2014 के स्तर पर लाया जाए.’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार ने गैस सब्सिडी को खत्म करके गरीब और मध्यम वर्ग पर कुठाराघात किया है. 2012-13 में कांग्रेस सरकार में एलपीजी सब्सिडी 39,558 करोड़ रुपये थी. 2013-14 में कांग्रेस सरकार ने 46,458 करोड़ रुपये गैस सब्सिडी दी, जिसे मोदी सरकार ने 2015-16 में 18 करोड़ रुपये और 2016-17 से जीरो कर दिया.’

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने पार्टी मुख्यालय में गैस सिलेंडर पर माला चढ़ाकर और सब्जियों के समक्ष अगरबत्ती जलाकर महंगाई को लेकर सरकार पर तंज कसा. उनका कहना था कि यह ‘सिलेंडर की श्रद्धांजलि सभा’ है.

खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘विदेश दौरे से वापस आते ही साहब (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) ने गैस सिलेंडर की कीमत 50 रुपये बढ़ा दी. कभी मोदी जी ने बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर कहा था कि सब्सिडी को सरेंडर करिये. आज यह हालत देख कर लगता है कि सिलेंडर को ही सरेंडर कर दिया जाए.’

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने एलपीजी पर वर्ष 2013-14 में 46,458 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी, लेकिन मोदी सरकार ने 2015-16 में घटाकर यह सब्सिडी 18 करोड़ रुपये कर दी और 2016-17 में इसे शून्य कर दिया.

खेड़ा ने कहा, ‘इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिन 23 करोड़ लोगों को संप्रग सरकार ने गरीबी रेखा से ऊपर उठाया था, वे 23 करोड़ लोग फिर से गरीबी रेखा के नीचे चले गए और इसमें 14 करोड़ लोग और बढ़ गए. ऐसे में सरकार के पास बड़ा दिल होना चाहिए, लेकिन इस सरकार के पास दिल ही नहीं है.’

उन्होंने कहा कि इस सरकार ने कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम पिछले महीने 102 रुपये बढ़ा दिए. उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार लोगों को हर तरीके से चोट पहुंचा रही है.

खेड़ा ने कहा, ‘हमारी मांग है कि देश को कुछ राहत दीजिए. बढ़ोतरी वापस लीजिए. इसे घटाकर 2014 के दाम के स्तर पर लाइए. देश राहत की भीख मांग रहा है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)





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