‘रंगबाज-3’ के स्टार से खास बातचीत: विनीत कुमार सिंह ने कहा- मैं खुद को किसी भी किरदार के लिए बदल लेता हूं, ये उपहार मुझे ईश्वर ने दिया है


भोपाल2 घंटे पहलेलेखक: इंद्रेश गुप्ता

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एक्टर विनीत कुमार सिंह जल्द ही ‘रंगबाज-3’ वेब सीरीज में नजर आएंगे। इसमें वे एक बाहुबली का किरदार निभा रहे हैं। अब विनीत कुमार ने दैनिक भास्कर के साथ खास बातचीत में इस किरदार को लेकर कैसी तैयारी की और ये सीरीज कैसे उन्हें अप्रोच हुई इस बारें में बताया है।

‘रंगबाज’ से आप फिर क्राइम जॉनर में आ गए हैं, ऐसे किरदार आपको कितना एक्साइट करते हैं?
मेरा मामला ऐसा है कि कोई बढ़िया रोल हो, जिसमें कई शेड्स हो और वह चैलेंजिंग भी हो तो उसे करने में मजा आता है। गैंगस्टर टाइप का किरदार मैंने ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में भी किया था। इसके बाद लोगों ने मुझे ‘मुक्काबाज’ में एक चैलेंजिंग किरदार में देखा। जिसके लिए मैंने बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन पर काफी मेहनत की थी। मैं जो भी काम करता हूं उसकी पूरी तैयारी करता हूं, कोशिश करता हूं कि पहले जो किया है उससे कुछ अलग करूं। इस सीरीज में हारुन शाह बेग का किरदार मेरे लिए कुछ नया था क्योंकि यह गैंगस्टर भी और पॉलिटिशियन भी है। ऐसा कॉम्बो किरदार पहले नहीं किया था कभी। इसलिए इसे करके मजा आया।

इस सीरीज के लिए आपको कैसे अप्रोच किया गया?
अजय राय इसके प्रोड्यूसर हैं। उनके साथ पहले ही ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ कर चुका हूं। इस सीरीज के पहले दोनों सीजन हिट रहे हैं। इसके राइटर सिद्धार्थ मिश्रा और निर्देशक सचिन पाठक ने मुझे तब अप्रोच किया था जब ये राइटिंग स्टेज पर थी। मैंने इसका शूट शुरू होने के 6-7 महीने पहले ही हां कह दिया था। जब मैंने इनसे कहानी सुनी थी उस वक्त मुझे इसमें काफी संभावनाएं दिखी थीं। इसमें ऑनस्क्रीन मेरी जर्नी 18-40 साल के करीब है। जैसे-जैसे इसकी राइटिंग होती रही, मैं अजय और नवदीप लगातार टच में रहे।

इस फ्रेंचाइज के दोनों पार्ट हिट हैं, इस बार चेहरा आप हैं, कोई प्रेशर फील करते हैं?
इसके ट्रेलर को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसके पहले सीजन काफी हिट थे तो मुझ पर प्रेशर तो नहीं पर जिम्मेदारी जरूर है। मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की है और कोई कसर नहीं छोड़ी है। बाकी एक्टर्स ने भी अपना काम बखूबी किया, जिससे सीरीज को एक बेहतर शेप मिलता गया। इस किरदार की तैयारी के लिए मैंने करीब 3 महीने पहले ही कोई दूसरा काम करना बंद कर दिया था। इसमें 30-40 की उम्र वाला जो पीरियड था उसके लिए मुझे 10 किलो वेट गेन करना पड़ा। इस रोल के लिए दस किलो वजन बढ़ाना काफी मुश्किल था, लेकिन यह किरदार की मांग थी और मैं जो भूमिका निभा रहा था, उसे देखना मेरे लिए बहुत जरूरी था। मुझे किरदार के लिए सख्त आहार और कड़ी ट्रेनिंग लेनी पड़ी। लेकिन यह एक शानदार सफर रहा है और मैं सीरीज के रिलीज होने के लिए एक्साइटेड हूं।

लखनऊ में ‘रंगबाज 3’ की शूटिंग के दौरान का कोई खास किस्सा हुआ हो?
इसकी शूटिंग उत्तर प्रदेश में की गई थी, परंतु सेट पर ऐसा कुछ हुआ कि वहां पर पुलिस पहुंच गई। हम उस पोर्शन को शूट कर रहे थे, जब हारून शाह अली बेग का दरबार लगता है और जनता सामने बैठी हुई है, उनकी मदद करने के लिए हारून शाह अली बेग के उस दरबार में हर तरीके से मदद की जाती है, उसमें कुछ कैश भी रखा होता है और उसी दौरान यूपी में विधानसभा के इलेक्शन होने वाले थे, जिसकी वजह से वहां बहुत सख़्ती थी तो कही से यह खबर फैल गई कि शूटिंग की आड़ में पैसे बांटे जा रहे हैं और देखते ही देखते लोकेशन पर पुलिस की एक बड़ी टीम पहुंच गई तहकीकात करने, जिसके बाद उनको ये समझाना पड़ा कि यहां ऐसा कुछ नही किया जा रहा है और यह हमारी शूटिंग का सिर्फ एक हिस्सा है, और नोट भी दिखाए जिसमें 500 रुपए की पुरानी नोट भी थी जो डिमॉनेटाइजेशन के दौरान बंद कर दी गई थी। हालांकि पुलिस वालों को यह समझाना थोड़ा मुश्किल था।

खुद को किस देश की किस महान शख्सियत की बायोपिक में फिट मानते हैं?
मैं बिरसा मुंडा की जीवनी से बहुत प्रभावित हूं। मुझे लगता है कि इस किरदार को मैं बहुत अच्छे से प्ले कर सकता हूं। उनकी लाइफ में बहुत कुछ है बताने के लिए। हालांकि उन पर निर्देशक पा रंजीत एक फिल्म बना तो रहे हैं पर अगर इस पर दूसरा कोई निर्देशक भी कुछ बनाए तो मैं जरूर करना चाहूंगा। इस फिल्म में हमारे देश की सामाजिक संरचना से लेकर स्वतंत्रता की लड़ाई तक सब कुछ शामिल है। इसमें एक्शन भी है और ड्रामा भी। इतिहास में जाकर देखूं तो मुझे ये एक किरदार है जो पसंद है।

खुद के काम को बतौर क्रिटिक्स अगर मापना हो तो किस पैरामीटर पर रखेंगे?
मैं दो तरीके से इस पर अपनी बात रखना चाहूंगा। एक तो ये कि बतौर एक्टर मुझमें ये क्वालिटी है कि मैं खुद को बदल लेता हूं किसी भी किरदार के लिए। ये उपहार मुझे ऊपर वाले ने दिया हुआ है। अगर कोई मेरा ब़ॉम्बे टाकीज वाला रोल देखे जिसमें एक लड़का मुरब्बा बेचता है तो उसे देखकर ये कोई नहीं कह सकता कि एक ही लड़का इसे कर सकता है। मैं किसी इमेज में नहीं बंधता हूं। जैसे कि अगर कोई मेरा ये साहेब वाला किरदार देखेगा तो मुझे बॉक्सर के रोल में कास्ट करने को लेकर राजी नहीं होगा। दूसरी बात ये कि ‘मुक्काबाज’ के बाद मुझे जाना चाहिए था वहां नहीं पहुंच पाया हूं। मेरी कोई थिएट्रिकल रिलीज भी नहीं हो पाई है। कोई मुझे अच्छा रोल देगा तो मैं उसे पूरे दिल से तैयारी के साथ निभाऊंगा, उसमें कोई कमी नहीं छो।

ये आपकी तीसरी वेब सीरीज है, किस जोनर में खुद को कम्फर्टेबल पाते हैं?
सच कहूं तो शूटिंग के दौरान तो कोई फर्क नहीं महसूस होता है। वेब सीरीज हो या फिल्म दोनों ही एक तरह से बनती हैं। हमें काम वैसे ही करना पड़ता है, जो स्क्रिप्ट में लिखा होता है। बेशक सिनेमा का अपना एक अलग मजा है कि थिएटर में लोग आपके प्रोजेक्ट को एक साथ बैठकर देखेंगे और प्रतिक्रिया देंगे। किरदार के इमोशन को एक साथ 400-500 लोग देखकर महसूस करेंगे। वह एक ब्यूटी है। वहीं वेब सीरीज आदमी घर में बैठकर अपने मोबाइल या टीवी पर देखेगा। बाकी मैं सभी जगह काम करने में खुद को कम्फर्टेबल पाता हूं।

फुल शेड निगेटिव रोल करने के बारे में क्या विचार है?
मैं अपनी एक्टिंग में प्रयोग करता रहता हूं। इस सीरीज में मेरा हारून का किरदार एक तरह से निगेटिव है पर चूंकि कहानी ही उस पर है तो वही सीरीज का हीरो भी है। इसमें आप मेरा बिल्कुल एक अलग अवतार देखेंगे। मैं कोई भी किरदार सिर्फ करने के लिए ही नहीं करता हूं। हर बार मेरी कोशिश होती है कि अपने अभिनय से दर्शकों को चौंका दूं।

आपने ‘मुक्काबाज’ लिखी थी, आगे और कौन सी फिल्म लिख रहे हैं?
दो फिल्में हैं एक मैंने और एक मेरी बहन ने लिखी है। जैसे ही समय मिलता है हम उन पर काम करेंगे। दोनों में एक अच्छा सोशल मैसेज होगा। इसमें आपको बेहतर किरदार देखने को मिलेंगे।

‘आधार’ और ‘मुक्काबाज’ के बाद और किस फिल्म में लीड रोल में नजर आएंगे?
अभी मेरी तीन फिल्में बतौर लीड रोल में आनी हैं। इनमें ‘आधार’ है, ‘सिया’ है और ‘दिल है ग्रे’ है।

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