यूरोप की स्पेस एजेंसी को अपने मिशन पूरे करने के लिए चाहिए भारत की मदद, कई प्रोजेक्ट मुश्किल में पड़े


हाइलाइट्स

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी अपने मिशन को लॉन्च करने के लिए भारत को एक विकल्प के तौर पर देख रहा है.
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी स्पेसएक्स और जापान के साथ भी बात कर रहा है.

पेरिस. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) अपने मिशन को अंतरिक्ष में लॉन्च करने के लिए नए भागीदारों की तलाश में भारत को एक विकल्प के तौर पर देख रहा है. ईएसए के महानिदेशक जोसेफ असचबैकर ने रायटर को बताया, ‘मैं कहूंगा कि हमारे पास ढाई विकल्प हैं जिन पर हम चर्चा कर रहे हैं. एक स्पेसएक्स है, दूसरा संभवतः जापान है और भारत भी एक विकल्प के तौर पर हो सकता है.’ बता दें कि रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोसमोस के साथ संबंध टूटने के बाद एजेंसी के कई मिशन अधर में लटके हुए हैं. यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिम देश और रूस के बीच संबंध टूट गया है, जिसके चलते एक संयुक्त मंगल परियोजना सहित कई मिशन खतरे में पड़े गए हैं.

वहीं यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) ने एलोन मस्क के स्पेसएक्स के साथ प्रारंभिक तकनीकी चर्चा शुरू कर दी है, जिससे यूक्रेन के संघर्ष के बाद रूस के सोयुज रॉकेटों तक पश्चिमी पहुंच को अवरुद्ध करने के बाद इसके लॉन्चरों का अस्थायी उपयोग हो सकता है. बता दें कि रूस ने ऐलान कर दिया है कि वह 2024 के बाद अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से हट जाएगा. जिसके चलते इसमें भागीदार देशों के बीच खलबली मची हुई है. वहीं इस फैसले को पश्चिमी देशों के साथ एक और रूसी संपर्क के खात्मे के रूप में देखी जा रही है.

बता दें कि एक फुटबाल के मैदान इतना बड़ा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के दो मुख्य हिस्सों में एक रूस चलाता है और दूसरा अमेरिका चलाता है. रूस के हटने के बाद उसके हिस्सा का क्या होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है. क्या यह पहले की तरह चलता रहेगा या फिर इसे बंद कर दिया जाएगा यह तय होना बाकी है.

Tags: Europe, International Space Station



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