मॉक ड्रिल का वीडियो सऊदी के रक्षा मंत्री के चीनी समारोह में शामिल होने का बताकर शेयर


एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है जिसमें हाई सिक्योरिटी के बीच सफ़ेद स्कार्फ़ पहने 2 लोग गाड़ी से उतरते हैं. इसके बाद वहां पटाखों की आवाज़ सुनाई देती है और उनकी सुरक्षा में तैनात जवान उन्हें प्रोटेक्ट करते हुए गाड़ी में बैठाकर तुरंत वहां से ले जाते हैं. ये वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि इसमें स्कार्फ़ में दिख रहे 2 व्यक्ति सऊदी के डिफ़ेंस मिनिस्टर्स हैं. और वो चीनी नववर्ष के जश्न में शामिल होने के लिए चाइना की एम्बेसी में आए थे. चीनी अफ़सरों ने उनके स्वागत के लिए आतिशबाज़ी का इंतज़ाम किया था लेकिन मिनिस्टर्स इस बात से अंजान थे. इसलिए वो डर गए और उनकी सिक्युरिटी ने मज़ाकिया तरीके से उन्हें बचाया.

ट्विटर यूज़र अंजली जैन ने ये वीडियो ट्वीट करते हुए ऐसा ही दावा किया. (आर्काइव लिंक)

ABP गंगा के पत्रकार विवेक त्रिपाठी ने भी ये वीडियो ऐसे ही दावे के साथ ट्वीट किया था. बाद में उन्होंने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया. (आर्काइव लिंक)


ट्विटर यूज़र जैकी यादव ने भी इसी दावे के साथ ये वीडियो ट्वीट किया. (आर्काइव लिंक)


फ़ैक्ट-चेक

पहली नज़र में ये वीडियो थोड़ा सा अलग लगता है. गौर करने वाली बात ये है कि जिस समय पटाखों की आवाज़ आती है, उस वक़्त वहां खड़े लोगों में किसी प्रकार की हलचल नहीं होती. इसके अलावा, जब मिलिट्री के जवान वहां से भागते हैं, उस वक़्त तक वहां खड़े लोग अपनी जगह से हिलते भी नहीं है. बल्कि अपने फ़ोन में बिना किसी फ़िक्र के घटना को रिकार्ड कर रहे हैं.

ऑल्ट न्यूज़ ने वीडियो के फ़्रेम को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें इस वीडियो से जुड़ा एक आर्टिकल ब्राज़ील के फ़ैक्ट-चेकिंग वेबसाइट Aos Fatos पर मिला. आर्टिकल में वीडियो के साथ किये गए दावे को खारिज किया गया है और साथ में कुवैत के अल-हदीथ नाम के न्यूज़ चैनल का 12 दिसंबर 2019 का ट्वीट भी शेयर किया गया है. इस ट्वीट में न्यूज़ चैनल ने वायरल वीडियो को दूसरे ऐंगल से रिकार्ड किया गया है. साथ ही ट्वीट में लिखा है कि ये गल्फ़ डिफ़ेंस एंड एवीएसन एग्ज़ीबिशन में एमिरी गार्ड द्वारा एक नकली मिलिट्री शो का वीडियो है.

कुवैत सरकार की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के अनुसार, 10 दिसंबर 2019 से तीन दिवसीय गल्फ़ आर्म्स एंड एरोस्पेस एग्ज़ीबिशन का आयोजन हुआ था जिसमें 31 देशों ने हिस्सा लिया था.


एक यूज़र ने ये वीडियो 12 दिसंबर 2019 को यूट्यूब पर भी अपलोड किया था. टाइटल में लिखा है, “फेयरग्राउंड में एमिरी गार्ड का प्रशिक्षण. जब कैरेक्टर को शूट किया जाता है तो वे इस प्रकार संभालते हैं.” गौर करने वाली बात है कि यूट्यूब पर ये वीडियो कुवैत सरकार की वेबसाइट पर एग्ज़ीबिशन की दी गई तारीख के बीच अपलोड किया गया है.

हमने वायरल वीडियो के फ़्रेम्स, को गूगल मैप पर मौजूद कुवैत इंटरनेशनल फ़ेयरग्रांड की तस्वीर के साथ मिलान किया तो पाया कि ये वीडियो इसी जगह पर शूट किया गया है.


इस वीडियो के बारे में कई अन्य फ़ैक्ट-चेकिंग पोर्टल्स The Observers, Boatos, hoaxORfact, AFP ने भी फ़ैक्ट-चेक रिपोर्ट पब्लिश की है.

कुल मिलाकर, सोशल मीडिया यूज़र्स ने कुवैत में एक एग्ज़ीबिशन के दौरान मिलिट्री के मॉक ड्रिल का वीडियो सऊदी के डिफेंस मिनिस्टर का बताकर शेयर किया.

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