मीडिया आउटलेट्स ने MP का वीडियो महाराष्ट्र में बच्चा चोर समझकर साधुओं को पीटने का बताकर चलाया


बच्चा चोरी की अफ़वाहों के चलते पिछले कई हफ़्तों से अलग-अलग जगह से लोगों को पीटने की ख़बरें आ रही हैं. दरअसल, इन अफ़वाहों का सिलसिला मथुरा में हुई एक घटना के बाद शुरू हुआ. मथुरा रेलवे स्टेशन से एक बच्चे को उठाने का CCTV फ़ुटेज सामने आया. पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की. बाद में पुलिस ने इस बच्चे को एक भाजपा पार्षद के घर से बरामद किया. बस फिर तो क्या था. इस वारदात के बाद सोशल मीडिया पर ये दावा शेयर किया जाने लगा कि बच्चा चोरों की गैंग साधुओं के भेष में घूम रही है और बच्चों को अगवा कर उनकी किडनी निकाल रही है. ये दावा एक ऑडियो और ढेर सारे पुराने और असंबंधित घटनाओं के वीडियोज़ के ज़रिए शेयर किया जाने लगा.

बच्चा चोरी की इन अफ़वाहों का असर ये हुआ कि यूपी, बिहार, झारखंड जैसे राज्यों में कई जगहों पर लोगों ने संदिग्ध दिखने वाले लोगों की पिटाई कर दी. इन सब का शिकार मानसिक रूप से पीड़ित व्यक्ति और साधारण लोग हुए. यूपी के सीतापुर में ऐसी अफ़वाहों के चलते एक मानसिक रूप से बीमार महिला को पीटा गया. वहीं यूपी के भदौही से भी मानसिक रूप से विक्षिप्त लड़कों को बच्चा चोरी के आरोप में पीटने की घटना सामने आयी. ऐसी ही पैटर्न साल 2019 में भी देखने को मिली थी जब बच्चा चोरी की अफ़वाहों के चलते जगह-जगह पर लोगों को पीटा गया था. ऑल्ट न्यूज़ ने उस वक़्त भी इन अफ़वाहों को खारिज करते हुए वायरल दावों की सच्चाई लोगों के सामने रखी थी और इस बार भी हम लगातार इसपर नज़र बनाए रखे हैं. पुलिस ने भी इन मामलों पर संज्ञान लेते हुए अफ़वाहों को खारिज किया है. सीतापुर पुलिस, मुरादाबाद पुलिस, बरेली पुलिस और हरदोई पुलिस ने भी इन अफ़वाहों को फ़र्ज़ी बताते हुए बयान जारी किये हैं.

बच्चा चोरी की अफ़वाहों के चलते 13 सितंबर को महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में 4 साधुओं को पीटने की खबर सामने आयी है. इन साधुओं को बच्चा चोरी के आरोपों के चलते पीटा गया था. पुलिस ने इस मामले में जांच करते हुए 6 लोगों को गिरफ़्तार किया है. इस घटना पर रिपोर्ट करते हुए ABP न्यूज़ ने एक वीडियो चलाया जिसमें भीड़, लाठी-डंडों से एक दुकान के सामने साधुओं को पीट रही है. ABP न्यूज़ ने दावा किया कि ये वीडियो महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में बच्चा चोर समझकर साधुओं को पीटने की घटना का है. (आर्काइव लिंक)

न्यूज़18 इंडिया ने भी ये दावा करते हुए कई वीडियोज़ चलाए जिसमें पहला वीडियो दुकान के सामने लोगों द्वारा साधुओं की पिटाई करने का है. (आर्काइव लिंक)

टाइम्स नाउ नवभारत ने भी महराष्ट्र में बच्चा चोर समझकर साधुओं पर हमला करने के दावे के साथ ये वीडियो चलाया. (आर्काइव लिंक)

देखते ही देखते ये वीडियो कई मीडिया संगठनों ने चलाया. इस लिस्ट में आज तक, रिपब्लिक लाइव, न्यूज़18 लोकमत, RSS की मुखपत्रिका ऑर्गेनाइज़र वीकली, ज़ी सलाम, महाराष्ट्र टाइम्स, इंडिया टीवी हिन्दी, भारत 24, अमर उजाला, राइटविंग वेबसाइट ऑप इंडिया, द लल्लनटॉप शामिल हैं. वहीं नवभारत टाइम्स के पत्रकार ‘भदौहि वाला’ और आलोक कुमार समेत इंडिया टीवी हिन्दी के पत्रकार विकास तिवारी और इस्कॉन के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राधारमण दास ने भी ये वीडियो महाराष्ट्र के सांगली की घटना का बताते हुए ट्वीट किया.

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फ़ैक्ट-चेक

महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में बच्चा चोर की अफ़वाहों के चलते साधुओं की पिटाई के दावे से चलाए जा रहे इस वीडियो की जांच ऑल्ट न्यूज़ ने कुछ दिनों पहले ही की है. लेकिन मीडिया संगठनों ने इस बात से बेखबर होकर और बिना छानबीन किये ये वीडियो चला दिया.

दरअसल, ये वीडियो महाराष्ट्र के सांगली ज़िले की घटना का नहीं है और न ही इसमें दिख रहे साधुओं को बच्चा चोरी के आरोप के चलते पीटा गया था. असल में ये घटना मध्यप्रदेश के रायसेन ज़िले में हुई थी. IBC24 ने 8 अगस्त 2022 को इस घटना को रिपोर्ट किया था. कैप्शन के मुताबिक, ये घटना रायसेन में हुई थी जहां कुछ लोग साधु के भेष में चोरी करने पहुंचे थे. बाद में गांववालों ने इन्हें पीटा था.

नवभारत टाइम्स ने 7 अगस्त को इस घटना के में आर्टिकल पब्लिश किया था. खबर के मुताबिक, रायसेन ज़िले के मंडीदीप थाना क्षेत्र के पलोहा में कुछ साधुओं ने गरीब महिला को बेहोश कर लुटपाट की थी. साधुओं के भेष में आए इन लोगों ने महिला के घर से ज़ेवर और नगद रुपये उठा लिए. बाद में गांववालों ने इन्हें ढूंढने की कोशिश की. गांववासियों को पता चला कि ये पलोहा से सटे पिपलिया गज्जू गांव में ठहरे हुए हैं. और फिर लोगों ने जमकर इन साधुओं की पिटाई की और उन्हें पुलिस को सौंप दिया. मंडीदीप पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया और जांच शुरू की. आर्टिकल में पुलिस के हवाले से लिखा है कि ये आरोपी यूपी के चित्रकूट रहनेवाले थे.

वन इंडिया की रिपोर्ट में इस वीडियो के विज़्युअल्स शेयर किये गए हैं. आर्टिकल में पुलिस के हवाले से बताए गए आरोपीयों के नाम इस प्रकार हैं : बच्चू जोशी, लवलेश गोस्वामी, मिथिलेश गोस्वामी, विधायक गोस्वामी, गुलाब जोशी और रामस्वरूप गोस्वामी.

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आगे, ऑल्ट न्यूज़ से हुई बातचीत में मंडीदीप पुलिस स्टेशन के SHO मनोज सिंह ने बताया कि ये आरोपी, साधुओं का भेष बनाकर हाथ सफाई का काम करते हैं. गांववालों ने इन्हें पकड़कर पीटा था और बाद में पुलिस ने मामला दर्ज कर इनको जेल भी भेजा था.

ऑल्ट न्यूज़ ने रायसेन के SP विकास कुमार सहवाल से भी बात की थी. SP ने हमें बताया, “ये घटना गांववालों द्वारा बच्चा चोरी करने पहुंचे साधुओं को पीटने की नहीं है. ये साधु गांव में पूजा करने आए थे. पूजा में रखने के लिए आरोपियों ने महिला से सोने और चांदी के ज़ेवर मांगे. हाथ की सफाई करते हुए आरोपियों ने वो गहने रख लिए और महिला को पता चलता उससे पहले वो वहां से फरार हो गए. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया है.”

यानी, असल में ये घटना मध्यप्रदेश के रायसेन ज़िले के पलोहा गांव की है. वहां गांव के लोगों ने साधु के भेष में हाथ सफाई कर चोरी करने पहुंचे लोगों को पीटा था. इसका वीडियो मीडिया संगठनों ने महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में बच्चा चोर समझकर साधुओं को पीटने का बताया.

हालांकि, ये कोई नई बात नहीं है. अक्सर मीडिया आउटलेट्स, बिना कोई तफ्तीश किये सोशल मीडिया के दावों को ख़बर बताकर चला देता है. ऑल्ट न्यूज़ ने कई बार मीडिया द्वारा शेयर की गई ऐसी भ्रामक खबरों की सच्चाई बताई है. लेकिन लगता है उन्हें फ़ैक्ट-चेक से कोई लेना-देना नहीं है.

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