मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख गिरफ़्तार



महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद चिकित्सकीय जांच के लिए मंगलवार को दक्षिण मुंबई स्थित सरकारी जेजे अस्पताल ले जाया गया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

अधिकारी ने बताया कि ईडी कार्यालय में रात बिताने के बाद देशमुख को सुबह करीब सवा 10 बजे अस्पताल लाया गया. इसके बाद उन्हें एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने मंगलवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और राज्य की महा विकास आघाड़ी सरकार के नेताओं की छवि खराब करने के मकसद से की गई है.

केंद्र पर निशाना साधते हुए, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री मलिक ने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग कर नेताओं को डराना बंद किया जाना चाहिए.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘देशमुख की गिरफ्तारी की समूची कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है. यह महा विकास आघाड़ी (शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन) के नेताओं को डराने के मकसद से की गई.’

इस बीच, देशमुख की गिरफ्तारी पर खुशी जाहिर करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई का सामना करने की अगली बारी शिवसेना के मंत्री अनिल परब की है.

परब की ओर से दाखिल 100 करोड़ रुपये के मानहानि संबंधी वाद में सोमैया को 23 दिसंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट में पेश होने को कहा गया है. उन्होंने कहा, ‘अब हमें पता चल जाएगा कि देशमुख द्वारा जमा किए गए 100 करोड़ रुपये कहां गए.’

सोमैया ने आरोप लगाया है कि राज्य के परिवहन मंत्री परब ने पर्यावरण विभाग की मंजूरी के बिना रत्नागिरि जिले में समुद्र के किनारे रिजॉर्ट का निर्माण कार्य शुरू किया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)





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