मंकीपॉक्स के नाम बदलने के फैसले से खुश हुई अफ्रीका की स्वास्थ्य एजेंसी, जानें क्या होगा नया नाम?


कंपाला. अफ्रीका की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के प्रमुख ने कहा है कि वह इस बात से ‘काफी प्रसन्न’ हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) अफ्रीकी क्षेत्रों का संदर्भ हटाते हुए मंकीपॉक्स रोग के स्वरूप का नाम बदल रहा है. डब्ल्यूएचओ ने पिछले सप्ताह कहा था कि मंकीपॉक्स का नाम बदलने के लिए खुली बैठक आयोजित की जाएगी. विगत में बीमारी के जिस स्वरूप को कांगो बेसिन कहा जाता था, उसे अब ‘क्लैड 1’ कहा जाएगा और जिसे पहले पश्चिम अफ्रीका स्वरूप कहा जाता था, उसे अब ‘क्लैड 2’ कहा जाएगा. अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के कार्यवाहक निदेशक अहमद ओगवेल ने बृहस्पतिवार को एक ब्रीफिंग में कहा, ‘हमें बहुत खुशी है कि अब हम अफ्रीकी क्षेत्रों का संदर्भ दिए बिना उन स्वरूपों को क्लैड 1 और क्लैड 2 कह सकते हैं.’

उन्होंने कहा कि नाम में बदलाव से वह काफी प्रसन्न हैं और इससे बीमारी से जुड़ा कलंक दूर हो सकेगा. इस साल मंकीपॉक्स के कारण दुनिया में सबसे अधिक मौतें अफ्रीका महाद्वीप में हुई हैं. अफ्रीका में कुल 3,232 मामले दर्ज किए गए हैं और 105 लोगों की मौत हुई है. हालांकि केवल एक हिस्से की ही पुष्टि की गई है क्योंकि महाद्वीप में पर्याप्त नैदानिक ​​​​संसाधनों का अभाव है. ओगवेल ने कहा कि एजेंसी की आखिरी ब्रीफिंग एक सप्ताह पहले हुई थी और उसके बाद कम से कम 285 नए मामले सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत नए मामले घाना और नाइजीरिया में सामने आए हैं. इसके अलावा लाइबेरिया, कांगो गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका में भी नए मामले सामने आए हैं.

ओगवेल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफ्रीका के 54 देशों को मदद करने का आग्रह किया ताकि उन देशों में मंकीपॉक्स के परीक्षण और इसके प्रसार को नियंत्रित करने की क्षमता में सुधार हो सके. वहीं ब्रिटिश स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को कहा कि पूरे देश में मंकीपॉक्स के मामलों में कमी आने के संकेत मिले हैं, लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह कमी क्या आगे भी कायम रहेगी. स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने सोमवार को बयान जारी कर कहा कि अधिकारी प्रतिदिन मंकीपॉक्स के 29 नए मामले दर्ज कर रहे हैं जबकि जून के आखिरी सप्ताह में रोजाना 52 नए मामले आ रहे थे.

Tags: Monkeypox



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