भारत के इस खूबसूरत राज्य में है, दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ नेशनल पार्क


भारत का पूर्वोत्तर राज्य अपनी अनूठी प्राकृतिक सुन्दरता को समेटे हुए है और यही वजह है कि पूर्वोत्तर राज्य लोगों को यहाँ आने के लिए आकर्षित करता है। भारत के इस हिस्से में एक झील पर दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ पार्क भी है। अब आप सोच रहे होंगे कि हम किस तैरते हुए पार्क की बात कर रहे है।

भारत का पूर्वोत्तर राज्य अपनी अनूठी प्राकृतिक सुन्दरता को समेटे हुए है और यही वजह है कि पूर्वोत्तर राज्य लोगों को यहाँ आने के लिए आकर्षित करता है। भारत के इस हिस्से में एक झील पर दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ पार्क भी है। अब आप  सोच रहे होंगे कि हम किस तैरते हुए पार्क की बात कर रहे है ? तो दोस्तों, हम बात कर रहे है भारत के मणिपुर राज्य में स्थित ताजे पानी की सबसे बड़ी झील की। इस झील का नाम है ‘लोकतक झील’ और इस झील की खासियत है कि यहां दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ नेशनल पार्क है जो पानी में तैरता है। इस पार्क को ‘कीबुल लामजो’ (Keibul Lamjao) के नाम से जाना जाता है और इस पार्क की खूबसूरती देखने लायक है। जिसे ‘फ्लोटिंग नेशनल पार्क’ के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते है इस पार्क से जुड़ी खासियत के बारे में:-

लोकतक झील की खासियत –

इम्फाल से 53 किलोमीटर दूर मणिपुर के बिशनुपुर जिले में ये लोकतक झील स्थित है। दुनिया में यह झील तैरती हुई झील के नाम से भी मशहूर है। इस झील में बने हुए प्राकृतिक द्वीप बहुत-ही सुन्दर और देखने लायक हैं और इनको ‘फुमदी’ कहा जाता है। इन द्वीपों में मौजूद सबसे बड़ा द्वीप 40 स्क्वायर किलोमीटर में फैला हुआ है। इन फुमदियों पर स्थानीय मछुआरे रहते हैं | इसके साथ ही प्रकृति के सुंदर नजारों पर तैरती यह लोकतक झील मणिपुर को आर्थिक रूप से सशक्त और मजबूत भी बनाती है।

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झील पर तैरता है ये पार्क 

दुनियाभर में यह झील पर्यटकों के बीच आकर्षण का केंद्र है और इस आकर्षण का कारण है ‘पार्क का झील के ऊपर तैरना’ और इसी वजह से इस अनोखे पार्क को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते है। इस पार्क को विश्व से विलुप्त होते संगाई हिरनों का आखिरी और प्राकृतिक घर भी कहा जाता है। संगाई हिरन मणिपुर का राज्य पशु भी है।

पार्क में मौजूद है ढेरों वनस्पति और पशु-पक्षी 

इस पार्क में आपको एक-से-एक पशु-पक्षी भी देखने को मिल जाएंगे। जिसमें ब्लैक ड्रोंगोस, जंगल क्रो, येलो हेडेड वैगेटल, जंगली सूअर, ब्रो एंटेलियर, कोबरा और पायथन के अलावा 1000 से भी अधिक पशु-पक्षी यहाँ पर मौजूद हैं। इसके अलावा इस पार्क में लगभग 450 से भी ज्यादा किस्मों के ऑर्किड पर 100 से अधिक जलीय वनस्पतियां पायी जाती हैं।

यहाँ जाने के लिए सबसे अच्छा समय कौन-सा है ?

इस पार्क को देखने के बाद आप आसपास की और भी खूबसूरत जगहों को देख सकते हैं जैसे-कंगला फोर्ट, शहीद मीनार, मणिपुर जूलॉजिकल गार्डन। इस जगह आने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर और मार्च के बीच का है। यहां पर आप सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे के बीच कभी भी घूमने जा सकते हैं।

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कैसे पहुंचे ?

हवाई मार्ग द्वारा: यदि आप हवाई मार्ग के  द्वारा जाना चाहते है तो मणिपुर की राजधानी इंफाल, इस पार्क से 53 किमी की दूरी पर है जो दिल्ली (2,503 किमी), गुवाहाटी (469 किमी) और कोलकाता (1,620 किमी) जैसे प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग द्वारा अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

रेलमार्ग से : यदि आप रेल से जाना चाहते है तो दीमापुर सबसे पास का रेलवे स्टेशन है, जो कि इम्फाल से 215 किमी की दूरी पर है।

सड़क मार्ग द्वारा: इंफाल नेशनल हाइवे 39 के माध्यम से गुवाहाटी (469 किमी) और राष्ट्रीय राजमार्ग 53 के माध्यम से सिलचर से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा इम्फाल बस या प्राइवेट वाहनों के द्वारा भी पहुंचा जा सकता है।

– रौनक 



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