भारत की बेटी कमला हैरिस से मिलेंगे PM नरेंद्र मोदी, याद आएगा 63 साल पुराना वह भावुक पल


Curated by | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated: Sep 23, 2021, 1:30 PM

कमला की मां श्यामला गोपालन हमेशा से यह चाहती थीं कि उनके बच्चे अपनी भारतीय जड़ों से जुड़े रहें। तमिल मूल की भारतीय-अमेरिकन श्यामला एक जानी-मानी कैंसर रिसर्चर और ऐक्टिविस्ट थीं। उन्होंने अपनी बेटियों के नाम संस्कृत में रखे थे।

 

वॉशिंगटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका पहुंचे हैं। इस दौरे पर वह राष्ट्रपति जो बाइडेन से तो मिलेंगे ही, अमेरिका की पहली अश्वेत महिला उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से उनकी पहली मुलाकात पर भी निगाहें टिकी हुई हैं। भारतीय मूल की कमला न सिर्फ अपनी जड़ों को साथ लेकर चलती हैं बल्कि बाइडेन प्रशासन में एक साथ कई अहम भूमिकाएं भी निभा रही हैं जो पहले कभी किसी उपराष्ट्रपति ने नहीं किया है। दिलचस्प बात यह है कि पीएम मोदी की यात्रा खुद कमला के इतिहास के साथ इत्तेफाकन जुड़ गई है।

कमला की मां के साथ जुड़ा इतिहास
पिछले साल जब जो बाइडेन ने उपराष्ट्रपति के तौर पर चुनाव के लिए कमला का नाम आगे किया था, तभी से उनके भारत से कनेक्शन की चर्चा तेज हो गई थी। 1964 में कैलिफोर्निया में जन्मीं हैरिस की मां श्यामला गोपालन भारतीय मूल की डॉक्टर थीं और उनके पिता जमैका के इकॉनमिस्ट। कमला के जीवन पर उनके नाना का खासा असर रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक साल 1958 में इसी हफ्ते 19 साल की श्यामला पढ़ाई करने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कली आई थीं और यहां से नींव पड़ी उस इमारत की जिसकी चोटी पर आज कमला खड़ी हैं।

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हैरिस पर रहा मां का असर
कमला की मां श्यामला गोपालन हमेशा से यह चाहती थीं कि उनके बच्चे अपनी भारतीय जड़ों से जुड़े रहें। तमिल मूल की भारतीय-अमेरिकन श्यामला एक जानी-मानी कैंसर रिसर्चर और ऐक्टिविस्ट थीं। उन्होंने अपनी बेटियों के नाम संस्कृत में रखे थे। उनका कमला पर काफी प्रभाव था और इमिग्रेशन और समान अधिकार जैसे मुद्दों पर कमला की राय काफी हद तक श्यामला से प्रभावित थी। दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन के बाद UC बर्कली से PhD और फिर ब्रेस्ट कैंसर पर रिसर्च करके श्यामला यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉई और यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉनसिन होते हुए स्पेशल कमीशन ऑन ब्रेस्ट कैंसर का हिस्सा भी बनीं।


आज ऐतिहासिक भूमिका में कमला
श्यामला सिर्फ एक रिसर्चर के तौर पर नहीं, सिविल राइट्स ऐक्टिविस्ट्स के तौर पर भी अपनी आवाज बुलंद कर रही थीं। इसका असर आगे चलकर कमला पर काफी ज्यादा रहा। आज बाइडेन सरकार में कमला को कई अहम भूमिकाएं मिली हैं। यहां तक कि इतनी जिम्मेदारियां अमेरिकी इतिहास में किसी उपराष्ट्रपति को नहीं मिली हैं। वह कोविड-19 रिस्पॉन्स से लेकर पलायन के मुद्दे को भी देखती हं और स्पेस फोर्स को भी हेड करती हैं। पीएम मोदी से उनकी मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच साइंस ऐंड टेक्नॉलजी पर सहयोग की चर्चा की जाएगी। यह दोनों के बीच पहली मुलाकात होगी।


कई मुद्दों पर आलोचक रही हैं कमला
कमला दक्षिणपंथी विचारधारा के खिलाफ रही हैं और माना जा रहा है कि वह पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान लोकतंत्र और मानवाधिकार के मुद्दों पर भी चर्चा करेंगी, भले ही यह सीधे तौर पर भारत के बारे में ना हो। हैरिस ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद वहां के हालात को काबू में करने के लिए पाबंदियां लगाए जाने का विरोध किया था। इसलिए भी इस मुलाकात पर दुनियाभर की निगाहें रहेंगी। कमला हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस और इकनॉमिक्स की पढ़ाई के दौरान दक्षिण अफ्रीका में अपार्थीड के खिलाफ मुखर रही हैं।
(TOI इनपुट्स समेत, यहां क्लिक कर पढ़ें स्टोरी)

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