बिजली कंपनी के डीजीएम के खिलाफ रेप का केस, महिला ने कहा- 2 साल से दे रहा शादी का झांसा


भोपाल. बिजली कंपनी के डीजीएम लक्ष्मी नारायण पाटीदार के खिलाफ पुलिस ने रेप का मामला दर्ज किया है. एक महिला ने आरोप लगाया है कि पाटीदार ने शादी का झांसा देकर 2 साल तक शोषण किया. वह उसे भोपाल की कई जगह घुमाने ले जाता और रेप करता. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल आरोपी पाटीदार की गिरफ्तारी नहीं हुई है. मामला भोपाल के अशोका गार्डन इलाके का है.

अशोका गार्डन थाना पहुंची महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान डीजीएम लक्ष्मी नारायण पाटीदार से 2 साल पहले बिजली कंपनी के ऑफिस में हुई थी. यह पहचान दोस्ती में बदल गई और फिर प्यार में. इसके बाद पाटीदार ने उसे शादी का झांसा दिया और भोपाल की कई जगहों पर घुमाने ले गया. महिला ने बताया कि आरोपी उसे केरवा डैम, महादेव पानी, सीहोर भोजपुर और भीमबैठका सहित कई जगह ले गया. घुमाने के बहाने उसने कई बार रेप किया.

पत्नी थी तरह रखता था आरोपी- पीड़ित महिला

पीड़ित महिला ने पुलिस को यह भी बताया कि पाटीदार उसे अपनी पत्नी की तरह रखता था. वह बार-बार शादी करने के लिए उससे बोलती थी लेकिन हर बार वह इस बात को टाल देता था. लेकिन 6 मई को महिला पाटीदार के ऑफिस पहुंची और शादी के लिए दबाव बनाने लगी. इस पर पाटीदार ने उससे अभद्रता की और उसे ऑफिस से भगा दिया. महिला ने आरोपी के साथ-साथ उसके दो अन्य साथियों पर भी आरोप लगाए. पुलिस ने महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली और अब तमाम बिंदुओं पर सबूत जुटा रही है.

महिला ने अपनी नस भी काटी- पुलिस

अशोका गार्डन थाना प्रभारी आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता ऐशबाग इलाके में रहती है. उसका आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र अशोका गार्डन स्थित बिजली कंपनी के दफ्तर में उसकी पहचान लक्ष्मी नारायण पाटीदार से हुई थी. बीते दो साल से शादी का वादा कर वह युवती के साथ गलत काम कर रहा था. युवती जब भी शादी की बात करती, तो लक्ष्मी नारायण टाल देता था. परेशान होकर पीड़िता उसके दफ्तर पहुंच गई. इस दौरान अन्य कर्मचारी भी दफ्तर में मौजूद थे. आधे घंटे तक युवती दफ्तर में हंगामा करती रही. कुछ देर बाद उसने अपने हाथ की नस काट ली. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अस्‍पताल में भर्ती कराया. महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया.

Tags: Bhopal news, Mp news



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.