बाढ़ के कहर से बर्बाद हुआ पाकिस्तानी कपड़ा उद्योग, भारत से लगा रहा अब मदद की आस


इस्लामाबाद। पाकिस्तान में मानसून की मसूलाधार बारिश के कारण कपास क्षेत्रों को काफी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में पाकिस्तान टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ने संघीय सरकार से संपर्र्क किया है, ताकि बढ़ते निर्यात आदेशों को पूरा करने के लिए वाघा के माध्यम से भारत से कपास के आयात की अनुमति मिल सके। ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक, निर्यातकों का कहना है कि कपास की खेती का 25 फीसदी हिस्सा खराब हो गया है और देश में कच्चे माल की कमी की आशंका है।

सिंध और पंजाब में बाढ़ से कपास की खेती के नुकसान के मद्देनजर, संघीय सरकार ने बुधवार को एक समिति बनाई है, जो बीज कंपनियों के साथ बातचीत करेगी और उन्हें स्थानीय बाजार में अत्याधुनिक कपास के बीज पेश करने की सुविधा प्रदान करेगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और अनुसंधान मंत्रालय ने स्टेकहॉल्डर्स के साथ परामर्श करने और कपास खेती की उपज और क्षेत्र में वृद्धि के प्रस्तावों की समीक्षा करने के लिए बैठक के दौरान यह फैसला किया।

वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल से संपर्क किया
पाकिस्तान टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (पीटीईए) के मुख्य संरक्षक खुर्रम मुख्तार ने बुधवार को डॉन अखबार को बताया, ‘अपनी एक मांग को लेकर हमने वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल से संपर्क किया है।’ उन्होंने बताया कि कपास की मांग का वास्तविक आकलन 15 सितंबर के बाद किया जाएगा। मुख्तार ने कहा कि मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह गठबंधन सहयोगियों और अन्य स्टेकहॉल्डर्स के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे।

पिछले हफ्ते, वित्त मंत्री मिफ्ता इस्माइल ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भारत से सब्जियों के आयात की अनुमति देने के विचार का समर्थन किया था और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने राहत कार्यों के हिस्से के रूप में भारत से खाद्य पदार्थों के आयात के लिए पाकिस्तान से संपर्क किया था। हालांकि, मंत्री ने कहा कि इस संबंध में फैसला गठबंधन सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श के बाद लिया जाएगा।



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