बदले गए एडमिट कार्ड्स, प्रॉक्सी उम्मीदवार: JEE के बाद NEET में हेराफेरी की कोशिश में CBI ने 5 को किया गिरफ्तार


नीट की परीक्षा देने से पहले परीक्षा केंद्र पर अपने दस्तावेज की जांच कराते छात्र | प्रतीकात्मक तस्वीर | एएनआई


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प्रयागराज: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पांच लोगों को कथित रूप से नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) में हेराफेरी के उद्देश्य से एडमिट कार्ड्स को बदलने, फर्जी पहचान पत्र बनाने और परीक्षा में बैठने के लिए प्रॉक्सी उम्मीदवार भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

एजेंसी सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि इस उद्देश्य के लिए महाराष्ट्र स्थित एजुकेशन कंसल्टेंसी फर्म आरके एजुकेशन करियर गाइडेंस ने- जो अब जांच के घेरे में है, उम्मीदवारों के पेरेंट्स से 50 लाख रुपए तक वसूले थे.

लेकिन अभियुक्त परीक्षा में हेराफेरी को अंजाम नहीं दे पाए क्योंकि जेईई प्रवेश परीक्षा में इसी तरह के रैकेट में शामिल लोगों को गिरफ्तार करने की सीबीआई की हालिया कार्रवाई के बाद प्रॉक्सी उम्मीदवारों की हिम्मत जवाब दे गई.

1 सितंबर को सीबीआई ने जेईई परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए एक केस दर्ज किया. इससे पहले एजेंसी को सूचना मिली थी कि ‘समाधानकर्ताओं’ के एक ग्रुप ने कंप्यूटर्स हैक करके इंजीनियरिंग उम्मीदवारों की परीक्षा लिखी थी, जबकि असली उम्मीदवार शीट्स पर लिखते हुए गणनाएं करने और प्रश्नों का हल करने का नाटक कर रहे थे. लेकिन इस केस में जेईई परीक्षा में कामयाबी के साथ हेराफेरी कर ली गई थी.

एजेंसी के एक सूत्र ने बताया, ‘हमें सूचना मिली कि करीब पांच लोग जो डमी उम्मीदवार थे, 12 सितंबर को पांच केंद्रों पर नीट परीक्षाओं में बैठने वाले थे. एक जाल बिछाया गया लेकिन उनमें से कोई भी परीक्षा केंद्र पर नहीं आया, चूंकि जेईई केस में गिरफ्तारियों के बाद शायद उनकी हिम्मत नहीं पड़ी’.

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