बड़े काम का है ‘स्लो डाउन मेथड’, इसे अपनाकर तनाव को कहें अलविदा, बस इन कामों पर लगाएं ब्रेक


Wellness: प्रतिस्पर्धा की इस दौड़ में हर किसी का जीवन भागदौड़ भरा हो गया है. इससे जहां शारीरिक परेशानियां तो हो ही रही है वहीं मानसिक तौर पर भी खतरा कम नहीं है. यह मुख्य रूप से अवसाद और तनाव का कारण बनते हैं. इससे निजात के लिए कुछ कामों पर ब्रेक लगाने की जरूरत है और आपके ‘स्लो डाउन मेथड’ अपनाने की जरूरत है.

क्या है स्लो डाउन (Slow Down Method)

यहां कामों में ब्रेक लगाने का यह मतलब बिल्कुल भी नहीं है कि आप अपने शेड्यूल से मुक्त हो जाएं या फिर दोस्तों और परिवार के साथ कम समय बिताएं. यहां स्लो डाउन का अर्थ उन कामों पर ब्रेक लगाने या धीमा करने से है, जिससे आपके दिनचर्या पर काम का बोझ बढ़ता है और जोकि संभावित रूप से आपके तनाव का कारण बन रहा है.

स्लो डाउन मेथड के तरीके

news reels

स्लो डाउन मेथड को अपनाकर आप वर्तमान क्षण को भरपूर जीते हैं और तनाव से मुक्त रह सकते हैं. इसे दिमागीपन अभ्यास (Mindfulness Practice) भी कह सकते हैं. इस मेथड के सकारात्मक प्रभाव से चिंतित करने वाली भावनाओं में कमी आती है और आप तनाव से मुक्त रहते हैं. जानते हैं स्लो डाउन मेथड के तरीकों के बारे में…

  • सुबह की दिनचर्या सुनिश्चित करें (Morning Routine)- सुबह के दिनचर्या का अभ्यास आपके जीवन को सरल बनाने का सबसे आसान तरीका है. आपका पूरा दिन कैसा होगा, इसका प्रभाव काफी हद तक सुबह की दिनचर्या पर पड़ता है. पूरे दिन की आराम और स्थिरता के लिए सुबह चलने- दौड़ने और ध्यान लगाने की कोशिश करें. यहां तक ​​कि सुबह पहनने वाले कपड़े की तैयारी और चुनाव रात में ही करें. इससे सुबह किए जाने वाले कई निर्णयों में एक निर्णय स्वाभाविक तौर पर कम हो जाएगा.
  • मोबाइल को दें थोड़ा ब्रेक (Reduce Your Screen Time)– आजकल हमारे हाथ का मोबाइल फोन केवल मनोरंजन का ही साधन नहीं है, बल्कि यह कार्य का एक अहम अंग बन गया है. इसे थोड़ा ब्रेक देने की जरूरत है. इसलिए आप लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और रिमाइंडर्स को बंद करके रखें, जोकि तनाव का मुख्य कारण बनते हैं. खासकर आपके फोन में ऐसा कुछ है, जिसके लिए आप बार-बार फोन को एक्सेस करते हैं, उसे दूर करने में ही आपकी मानसिक भलाई है.
  • कृतज्ञता का अभ्यास (Practicing Gratitude)– पिछले किए गए कार्यों को वर्तमान क्षण में प्रतिबिंबित कर प्रयास करने का आभारी महसूस करें. कृतज्ञता का अभ्यास करने के कई तरीके हो सकते हैं, जिससे आपको मानसिक शांति मिलती हो. यहां तक कि दिनभर में गहरी सांस लेना भी कृतज्ञता के अभ्यास का ही हिस्सा है.
  • मल्टीटास्किंग पर लगाएं विराम (Stop To Multitasking)– मल्टीटास्किंग को लेकर किए अध्ययनों से यह पता चला है कि यह मानसिक तनाव का कारण बनता है. इसलिए एक समय में एक कार्य के लिए केंद्रित रहने का अभ्यास करें. यह कार्य के प्रति धीमी प्रगति होगी, लेकिन वास्तव में आपका कार्य अधिक कुशलता और गुणवत्ता वाला साबित होगा. साथ ही मानसिक तनाव भी दूर रहेगा.
  • समय के साथ सीमाएं भी करें निर्धारित (Time Management)- अगर आप ऐसे सहकर्मी के साथ काम कर रहें हैं जोकि काम के बाद, देर शाम या फिर छुट्टी पर भी ईमेल भेजते हैं, फोन करते हैं या काम देते हैं तो यह आपके संतुलित जीवन के लिए हानिकारक हो सकता है. साथ ही ये तनाव का भी कारण बनता है. इसलिए अपने काम को लेकर होने वाली संचार सीमाओं को निर्धारित करें और शेड्यूल पर टिके रहें. यह मानसिक शांति के लिए बहुत ही आवश्यक है.
  • अध्यात्म से स्वयं को रिचार्ज करें (Spirituality)- अध्यात्म की शक्ति से सभी परिचित हैं. जब आप स्वयं को कहीं उलझा हुए पाएं, तनाव और भ्रम की स्थिति बनने लगे तो अध्यात्म का सहारा लें. अध्यात्म के जरिए आप अपने तनाव को कम कर सकते हैं, इसके लिए पौराणिक ग्रंथों का अध्ययन, ध्यान की स्थिति (Meditation), प्रेरक संदेश (Motivational Thoughts) भी सहायक हो सकते हैं.

ये भी पढ़ें: Ashtanga Yoga: शौच का ये महत्व नहीं जानते होंगे आप, जानिए अष्टांग योग के 5 जरूरी नियम और लाभ

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *