फेक न्यूज एक्सपोज: देश में आतंक फैलाने के लिए PFI ने जमा किए ₹2 हजार करोड़ कैश? जानिए इस वायरल VIDEO का सच


3 घंटे पहले

क्या हो रहा है वायरल : केंद्र सरकार ने 27 सितंबर को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, यानी PFI को 5 साल के लिए बैन कर दिया। अब PFI के नाम से छापे का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि छापेमारी के दौरान अधिकारी मशीनों से नोट गिन रहे हैं और उनके आसपास नोटों का अंबार लगा हुआ है।

दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो केरल में PFI के कार्यालय का है। जहां छापेमारी में 2 हजार करोड़ रुपए कैश मिला है। PFI ने ये पैसा देश में आतंक फैलाने और हिंदुओं का नरसंहार करने के लिए इक्ट्ठा किया था।

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ये वीडियो जांच के लिए हमें भास्कर हेल्पलाइन पर भी मिला।

और सच क्या है?

  • वायरल वीडियो का सच जानने के लिए हमने इसके की-फ्रेम को गूगल पर रिवर्स सर्च किया। सर्च रिजल्ट में हमें इस वीडियो की जानकारी के साथ न्यूज एजेंसी ANI का पोस्ट भी मिला।

  • ANI के मुताबिक, ये वीडियो कोलकाता के एक बिजनेसमैन के घर पर पड़े ED के छापे का है। जहां नोट गिनने वाली 8 मशीनों ने 16 घंटे में 17 करोड़ रुपए कैश गिने।
  • पड़ताल के अगले चरण में हमने इस खबर से जुड़े की-वर्ड्स गूगल पर सर्च किए। सर्च रिजल्ट में हमें इस वीडियो से जुड़ी खबर कई मीडिया रिपोर्ट्स में मिली।

  • मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 सितंबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता में मोबाइल गेमिंग ऐप कंपनी के प्रमोटर्स के 6 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें 17 करोड़ रुपए से ज्यादा का कैश जब्त किया गया था।
  • ये छापे मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत डाले गए थे। जहां 2000, 500 और 200 रुपए के नोटों के बंडल मिले थे। ED ने ये कार्रवाई मोबाइल गेमिंग ऐप कंपनी ‘ई-नगेट्स’ और इसके प्रमोटर आमिर खान और अन्य के ठिकानों पर की थी।
  • साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। ये वीडियो PFI के कार्यालय का नहीं, बल्कि कोलकाता में मोबाइल गेमिंग ऐप कंपनी पर ED की छापेमारी का है।

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