प्रेग्‍नेंसी में खसखस खाएंगी तो बच्‍चे को नहीं होगी ये प्रॉब्‍लम, मां भी रहेगी खुश


भारत में खसखस के बीजों को बहुत पसंद किया जाता है और आपको बता दें कि यह प्रेगनेंट महिला के लिए भी बहुत अच्‍छे होते हैं। खसखस के बीजों में मौजूद केमिकल बीटा सीटोस्टेरॉल प्रजनन क्षमता को बढ़ाता है। इसका असर एस्ट्रोजन हार्मोन पर भी पड़ता है। खसखस के बीज ओवुलेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे प्रेगनेंसी के चांसेस बढ़ जाते हैं। इसलिए अगर आप प्रेगनेंट होना चाहती हैं या गर्भवती हैं तो आप खसखस के बीज का सेवन कर सकती हैं।

प्रेग्‍नेंसी के दौरान खसखस के बीज का सेवन सही है?

जो भी भोजन प्रेगनेंट वूमेन लेती हैं, उसमें न्यूट्रिशन की मात्रा बहुत ज्यादा होनी चाहिए। फीडिंग के वक्त उन्हें फ्रेश और न्यूट्रिशन से भरपूर फूड लेना चाहिए। खसखस के बीज में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मौजूद होता है। इसलिए प्रेगनेंट वूमेन के लिए लाभदायक है। बहुत से गाइनेकोलॉजिस्ट प्रेगनेंट वूमेन को खसखस के बीज लेने की सलाह देते है।

प्रेग्‍नेंसी के दौरान खसखस के बीज के फायदे

इनमें पाए जाने वाले केमिकल्स में एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टी होती है जो सेहत के लिए बहुत ज्यादा लाभदायक है। खसखस के बीज में एसेंशियल ऑयल और फैट 50%, अनसैचुरेटेड फैटी एसिड भी बहुत ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं।

इनके सेवन से एचडीएल लेवल बढ़ता है और एलडीएल लेवल कम होता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो इंटरनल ऑर्गन की क्लींजिंग में मदद करते हैं। यह प्रेगनेंट वूमेन को कॉन्स्टिपेशन जैसी समस्या में मदद करता है। इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम, विटामिन बी, फॉलिक एसिड, पैंटोथैनिक, नियासिन आदि पाए जाते हैं जो एनर्जी का एक बेहतरीन सोर्स हैं।

खसखस के बीज से होने वाले नुकसान

फायदे के साथ-साथ इसके नुकसान भी हैं। खसखस के बीज में ओपेटिक कंसंट्रेशन ज्यादा होता है। इसमें पाए जाने वाले नारकोटिक्स कोडीन का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि ये प्रेग्‍नेंसी में कॉम्प्लिकेशंस ला सकता है।

इनके ज्यादा सेवन से गर्भ में पल रहे बच्चे को सांस लेने में प्रॉब्‍लम हो सकती है। खसखस के बीज में टॉक्सिन भी पाए जाते हैं जो मां और बच्चे के लिए खतरनाक हो सकते हैं। इससे यह बात तय होती है कि बहुत ज्यादा मात्रा में खसखस के बीज का सेवन प्रेग्‍नेंसी के दौरान नहीं करना चाहिए।

किन-किन फूड में खसखस के बीज पाए जाते हैं

हर तरह के बैक्ड आइटम जो मार्केट में उपलब्ध हैं, उनमें खसखस के बीज से लगभग पाए ही जाते हैं। इनका इस्तेमाल यूनाइटेड स्टेट जैसे देशों में बहुत ज्यादा मात्रा में होता है। वहां पर सलाद की ड्रेसिंग, ब्रेड लीव्स, रोल्स, केक, मफिंस, पेस्ट्री में पॉपी का इस्तेमाल किया जाता है। अलग-अलग तरह के डेजर्ट में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। कोई भी पैक्ड आइटम लेते समय आपको उसमें मौजूद इनग्रेडिएंट की जांच कर लेनी चाहिए।

खसखस के बीज के विकल्‍प

अगर प्रेग्नेंट महिला को खसखस के बीज बहुत पसंद हैं, तो आप इनका बहुत ज्यादा सेवन ना करें बल्कि इसके बजाय आप कुछ अल्टरनेटिव का इस्तेमाल कर सकती हैं जैसे- चिया सीड्स। यह स्वाद में खसखस के बीज की तरह ही होते हैं। इनमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और न्यूट्रिशन पाए जाते हैं।

इसके सेवन से किसी तरह का नुकसान भी नहीं है। हर तरह के बेकिंग फूड में चिया सीड्स का इस्तेमाल भी बढ़ने लगा है। फ्लैक्सीड, पॉपी सीड के दूसरे अल्टरनेटिव हैं। इनको भी बेक और पैक्ड फूड में इस्तेमाल किया जाता है। इन दोनों के साथ पॉपी सीड के अल्टरनेटिव के तौर पर आप हेम्प, नाईजेला, सैसेमे सीड्स का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। इनमें भी वही न्यूट्रिशन वैल्यू और स्वाद पाया जाता है।

प्रेग्‍नेंसी के दौरान आपको हर कदम सावधानी से रखने चाहिए। पापी सीड्स में फायदे के साथ-साथ नुकसान भी हैं, तो इनका ज्यादा मात्रा में सेवन ना करें। इनके बजाय इनके अल्टरनेटिव का भी सेवन किया जा सकता है।



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