पेरेंट्स से इन बातों पर झूठ जरूर बोलते हैं बच्‍चे, समझ लेंगे तो पकड़ पाएंगे


टीनएजर बच्चे अपने माता-पिता से बहुत प्यार करते हैं पर साथ ही वे उनसे कुछ झूठ भी बोलते हैं क्योंकि उनका मानना होता है कि इससे माता-पिता खुश हो जाएंगे और उन्हें ज्यादा प्यार मिलेगा। कुछ बातें ऐसी होती हैं जो टीनएजर बच्चे अपने माता पिता को नहीं बता सकते। इसलिए जानबूझकर भी झूठ कहना पड़ता है। इसका यह मतलब नहीं है कि वह अपने माता पिता को धोखा देना चाहते हैं। आप खुद अपनी बीती हुई बातों को याद करें तो आप को इस बात का अहसास हो जाएगा कि जब आप भी टीनएजर थे आपने इस तरह की छोटी-मोटी प्यारी गलतियां तो की ही होगी। याद करिए आप भी जब टीनएजर थे आपने भी इसी तरह का व्यवहार किया होगा।

कुछ 5 सामान्य झूठ हैं जो आपने अपने माता-पिता से कहा ही होगा। बल्कि विश्व के लगभग सभी टीनएजर बच्चे ये झूठ अपने माता-पिता से कहते ही हैं।

पढ़ाई के नाम पर झूठ

मैं अपने दोस्त के यहां पढ़ने जा रहा हूं क्योंकि कल हमारा एग्जाम है। हमें ग्रुप स्टडी करनी है इससे हमारा कांसेप्ट अच्छी तरह से क्लियर होता है और एग्जाम में अच्छे मार्क्स लाने में मदद भी मिलती है।

तो कृपया आप मुझे जाने की अनुमति दे दीजिए। ऐसा कहकर हमने अपने दोस्तों के साथ एक अच्छा समय व्यतीत किया और पढ़ाई के नाम पर अपने माता-पिता से थोड़ा सा झूठ बोला।

​अल्कोहल से कोई नाता नहीं है

मेरे बाकी साथियों में अल्कोहल जैसी बुरी आदत है पर क्या आपको लगता है कि मैं ऐसा कुछ कर सकता हूं!

कोई भी माता-पिता नहीं चाहते कि आप तम्बाकू, अल्कोहल और ड्रग्स जैसी बुरी आदतों में पड़े। लेकिन दोस्तों को देखते हुए आपने एक बार ऐसा करने के बारे में जरूर सोचा होगा या किया होगा और आप अपने माता-पिता से ये झूठ भी कहते हैं।

किताब में छिपी एडल्ट पिक्चर –

मेरा यकीन करिए मुझे बिल्कुल नहीं पता कि यह ऐडल्ट पिक्चर यहां कैसे आ गई!

आपने भावनाओं में बहकर अपने किताबों के बीच में कुछ ऐसी तस्वीरें छुपा रखी हैं जो अपने माता-पिता से छिपा कर ही रखना चाहते हैं। लेकिन अगर अचानक देख लेते हैं तो आप उनसे फिर से झूठ कहते हैं।

​बेकार शिक्षक

मेरे शिक्षक बेकार है उन्होंने मुझे जानबूझकर फेल कर दिया।

हम सभी ने बचपन में अपने टीचर को खतरनाक रूप में अपने माता-पिता के सामने पेश किया है। क्योंकि हम अपनी गलती उनके सामने स्वीकार नहीं कर पाते हैं। तो सबसे अच्छा तरीका है कि हम अपनी गलती टीचर के ऊपर डाल दें।

​रात को बाहर जाना है

वहां पर रात में सिर्फ लड़कियां ही मौजूद होंगी मां!

मां एक रात की ही तो बात है वहां पर सिर्फ लड़कियां ही मौजूद होंगी। वह भी सारे मेरे स्कूल की दोस्त हैं सब के माता-पिता ने परमिशन दे दी है आप मुझे क्यों रोक रही हैं?

ऐसा कहकर हम घर से बाहर निकलते हैं हमें पता होता है कि वहां पर लड़के लड़कियां सब हर कोई होगा। फिर भी यह एक रात की ही बात है यह मौका शायद दोबारा ना मिले इसलिए हम अपने माता-पिता से खुलकर झूठ बोलते हैं।

हमें यकीन है कि आपको भी याद आ ही गया होगा कि आपने भी कुछ इसी तरह का झूठ अपने माता-पिता से कहा होगा और आपके बच्चे भी शायद इसी तरह का झूठा आपसे कहते हैं।

तो ऐसे में बच्चों से नाराज होने की बजाय उनकी उम्र के हिसाब से उनकी बातों को समझने की कोशिश करें। उन्हें प्यार से समझाए बुरा मानने की वजह से उनके साथ समय व्यतीत करें। ताकि वह खुलकर आपके सामने अपनी इच्छा रख सके।



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