पहाड़ों पर चढ़ने का शौक रखने वाली महिलाओं के लिए इन जगहों की ट्रैकिंग रहती है एकदम बढ़िया


घूमना-फिरना, मौज मस्ती करना, दोस्तों संग घूमने का शौक यकीनन हर किसी को होता है। लोगों को जब भी मौका मिलता है, वो किसी न किसी दिन घूमने के लिए निकल पड़ते हैं। ऐसे में महिलाओं की भी दिल की तमन्ना होती है कि वो ऐसे एडवेंचर पर एक बार अपने गर्ल्स ग्रुप के साथ कुछ तूफानी करने के लिए जाएं। अगर आप भी ट्रैकिंग करने के लिए देश की कुछ मजेदार जगहों को देख रहे हैं, तो इस लेख के जरिए जानिए भारत की उन जगहों के बारे में, जहां महिलाएं अपनी गर्ल्स के साथ पहाड़ों पर चढ़ने के शौक को पूरा कर सकती हैं। ये ट्रैकिंग न तो ज्यादा कठिन है और न ही ज्यादा आसान, आपको हर रास्तों पर एक अलग ही अनुभव देखने को मिलेगा। चलिए आपको फिर उन ट्रैकिंग पॉइंट्स के बारे में बताते हैं।

ब्यास कुंड ट्रेक, हिमाचल प्रदेश – Beas Kund Trek, Himachal Pradesh

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ब्यास कुंड ट्रैक भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रैक में से एक के रूप में प्रसिद्ध है, ब्यास कुंड ट्रैक बर्फ से ढके पहाड़ों का एक शांत नजारा पेश करता है। ट्रैकिंग करते हुए आपको ब्यास नदी के किनारे चलने का मौका मिलेगा, साथ ही बकरथच और ढुंडी वाले घास के मैदान और पीर पंजाल पर्वतमाला के मजेदार नजारे देखने को मिलेंगे। ये ट्रैक न ज्यादा आसान है और न कठिन, महिलाएं इसे आसानी से कर सकती हैं। ट्रैक का मजा लेने का सबसे अच्छा समय मई से अक्टूबर के बीच है। आपका डेस्टिनेशन ब्यास कुंड नदी के पॉइंट पर खत्म होगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार महाभारत के रचयिता ऋषि व्यास सरोवर में स्नान किया करते थे।

मार्खा वैली ट्रेक, लद्दाख – Markha Valley Trek, Ladakh

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समुद्र तल से 5,200 की ऊंचाई पर स्थित, मार्खा घाटी ट्रैक एडवेंचर प्रेमियों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। ये इस क्षेत्र की सबसे बड़ी घाटियों में से एक है। लेह के शुरूआती पॉइंट से आपको ये ट्रैक थोड़ा कठिन लग सकता है, लेकिन चलते समय दिखने वाले स्कीउ, हैंकर, चिलिंग, निमालिंग जैसी जगहों को देखने का सुनेहरा मौका भी मिलेगा। आपको बता दें, ट्रैक को कवर करने में 10 दिन लगते हैं, जहां आपको खूबसूरत मंदिर और सरंक्षित मठ भी दिख जाएंगे। आपको स्टोक कांगड़ी, K2 पर्वत और कांग यात्से चोटियों का भी एक शानदार नजारा दिख जाएगा। अगर आप इस ट्रैक पर जाना चाहते हैं, तो जुलाई से सितंबर तक के महीने एकदम बेस्ट हैं।

फूलों की घाटी ट्रेक, उत्तराखंड – Valley Of Flowers Trek, Uttrakhand

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फूलों की घाटी सबसे लोकप्रिय ट्रेक्स में शुमार है, जिसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में भी गिना जाता है। इस ट्रैक के जरिए आप सिख तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब तक भी पहुंच सकते हैं। 3658 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, पगडंडी 55 किमी लंबी है और मानसून के मौसम में तो हजारों रंग-बिरंगे फूलों से आच्छादित हो जाती है। ट्रेक का शुरुआती बिंदु गोविंदघाट है, इस ट्रेक को करने के लिए हर उम्र की महिला जा सकती हैं। ट्रैक को कवर करना काफी आसान है, अगर आप यहां जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो जुलाई और मध्य सितंबर के बीच का समय सबसे अच्छा है। आपको बता दे, प्रकृति प्रेमियों के लिए ये जगह स्वर्ग है।

हम्पटा पास ट्रेक, हिमाचल प्रदेश – Hampta Pass Trek, Himachal Pradesh

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चटरू में खत्म होने पर ये ट्रैक लाहौल और स्पीति घाटी का एक मंत्रमुग्ध कर देने वाला नजारा पेश करता है। इस ट्रैक की ऊंचाई समुद्र तल से 4400 मीटर है, यहां तक आने में आपको कम से कम चार या पांच दिन लगेंगे। यह पगडंडी देवदार के घने जंगलों, बर्फ से ढकी घाटियों, क्रिस्टल-क्लियर धाराओं और फूलों के घास के मैदानों का एक अच्छा दृश्य पेश करेगी। चंद्र ताल पर आप नाइट कैंपिंग का भी मजा ले सकते हैं। ट्रैक को पूरा करना काफी आसान है और इसकी योजना बनाने का सबसे अच्छा समय जून और नवंबर के बीच है।

ज़ोंगरी ट्रेक, सिक्किम – Dzongri Trek, Sikkim

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ये ट्रैक कठिनाई के मामले में आसान और मध्यम (Moderate) है। ये 5 दिन का ट्रैक है, जो युकसोम पर खत्म होता है। अगर आप ये ट्रैक करना चाहते हैं, तो पहले 15,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचने के लिए आपको 21 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। इस ट्रैकिंग ट्रिप पर आपको बक्खिम, कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान, साचेन और शोखा जैसी खूबसूरत जगहें देखने को मिलेंगी। ट्रैकिंग करते हुए आपको झरनों और शानदार पुल देखने को मिलेंगे। आप यहां से हिमालय की भी तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं, जिसमें दज़ोंगरी ला चोटी भी शामिल है।



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