पंजाब: छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने को लेकर चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में प्रदर्शन



शुरुआत में आई ख़बरों में बताया गया था कि आरोप है कि एक छात्रा ने हॉस्टल में कई छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें शिमला के युवक को भेजा, जिसने कथित तौर पर इन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया.

पुलिस के अनुसार, वीडियो ऑनलाइन साझा करने में संलिप्त छात्रा को पकड़ लिया गया है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, छात्रा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354सी और आईटी अधिनियम की धारा 66ई के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा है कि पूरे मामले की जांच चल रही है.

मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विवेक सोनी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, ‘फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं. अभी तक आत्महत्या के प्रयास की कोई सूचना नहीं मिली है. लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए.’

मालूम हो कि सोशल मीडिया पर कुछ लड़कियों के ख़ुदकुशी करने की ख़बरें प्रसारित हो रही थीं.

मोहाली के एसपी ने एक बयान में कहा, ‘अब तक जांच में सामने आया है कि उसने जो वीडियो भेजी वो उसकी (आरोपी छात्रा की) अपनी वीडियो थी, किसी और की नहीं. न ही किसी छात्रा ने बताया है कि उसने किसी और की वीडियो बनाई है. इसके अलावा अभी डिवाइस को हम कस्टडी में ले चुके हैं और उन्हें आज ही फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है.’

पुलिस ने यह भी कहा, ‘मामले में किसी की मौत नहीं हुई है न ही किसी छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया है. हम लोगों से गुजारिश करते हैं कि अफवाहों पर यकीन न करें. जिस एक छात्रा को एम्बुलेंस में ले जाया गया था, उसे एंग्जायटी की समस्या है और हमारी टीम उसके संपर्क में है.’

इस दौरान, रविवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने एक बयान जारी कर कहा है कि किसी भी लड़की ने आत्महत्या नहीं की है और न ही किसी अन्य लड़की को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है.

विश्वविद्यालय ने यह भी कहा, ‘छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो शूट करने की सभी अफवाहें झूठी और बेबुनियाद हैं. किसी भी छात्रा का कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला है. सिर्फ एक लड़की द्वारा उसका खुद का बनाया गया एक निजी वीडियो मिला है, जो उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ साझा किया था.’

हालांकि, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि आरोपी छात्रा ने साठ के करीब लड़कियों के वीडियो बनाए हैं. ट्विटर पर साझा किए गए एक वीडियो के आधार पर कहा जा रहा है कि वीडियो बनाने वाली छात्रा से हॉस्टल में वॉर्डन और अन्य लड़कियों ने पूछताछ की थी, जब आरोपी छात्रा का कहना था कि उसने ये वीडियो एक लड़के के दबाव में बनाए हैं.

द वायर  स्वतंत्र रूप से इन वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं कर सका है.

दैनिक भास्कर के अनुसार, एक छात्रा ने आरोपी छात्रा को वीडियो बनाकर भेजते हुए देख लिया था, जिसके बाद ये बात सामने आई और छात्राओं और वार्डन ने आरोपी से पूछताछ की.

बात फैलते ही अन्य छात्राएं हॉस्टल से निकल आईं और परिसर में ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके मद्देनज़र पुलिस को भी बुलाया गया.

इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी अफवाहों से बचने की अपील की है. मान ने ट्विटर पर लिखा, ‘चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की घटना सुनकर दुख हुआ…हमारी बेटियां हमारी शान हैं… घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. जो भी दोषी होगा सख्त कार्रवाई करेंगे. मैं लगातार प्रशासन के संपर्क में हूं…मैं आप सब से अपील करता हूं कि अफवाहों से बचें.’

पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘यह गंभीर मसला है, जिसकी जांच चल रही है. मैं सभी छात्राओं के अभिभावकों को आश्वासन देती हूं कि आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा.’

पंजाब के स्कूली शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से संयम रखने को कहा है और भरोसा दिया है कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह संवेदनशील मामला है और हमारी बहनों-बेटियों के सम्मान से जुड़ा है. मीडिया सहित सभी को सतर्क रहने की जरूरत है. एक समाज के तौर पर यह हमारे लिए भी परीक्षा की घड़ी है.’

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी कहा कि पंजाब में एक विश्वविद्यालय की छात्राओं का ‘आपत्तिजनक’ वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने में संलिप्त लोगों को सख्त सजा मिलेगी.

केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में एक लड़की ने कई छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया. यह बेहद संगीन और शर्मनाक है. इसमें शामिल सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी. पीड़ित बेटियां हिम्मत रखें. हम सब आपके साथ हैं. सभी संयम से काम लें.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)





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