‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ ऑस्कर में शॉर्टलिस्ट नहीं हुई है, विवेक अग्निहोत्री और मीडिया का झूठा दावा


द एकेडमी ऑ़फ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) ने हाल ही में 95वें अकैडमी पुरस्कार के लिए एलिजिबल प्रोडक्शन एक रिमाइंडर लिस्ट जारी किया. इस लिस्ट में 301 फ़िल्में शामिल हैं जिनमें RRR, कंतारा, द कश्मीर फ़ाइल्स, गंगूबाई काठियावाड़ी, मी वसंतराव, तुझया साथी कही ही, रॉकेट्री: द नंबी इफ़ेक्ट, द लास्ट फ़िल्म शो, विक्रांत रोना और इराविन निझाल जैसी भारतीय फ़िल्में शामिल हैं.

ये लिस्ट जारी होने के तुरंत बाद, द कश्मीर फ़ाइल्स के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने ट्विटर पर घोषणा की कि उनकी फ़िल्म को ऑस्कर 2023 के लिए ‘अकैडमी की पहली सूची’ में ‘शॉर्टलिस्ट’ किया गया है. उन्होंने ये भी कहा कि ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ उन 5 भारतीय फ़िल्मों में से एक है जिनका नाम लिस्ट में रखा गया है. (आर्काइव)

विवेक अग्निहोत्री ने अन्य ट्वीट में कहा कि पल्लवी जोशी, मिथुन चक्रवर्ती, अनुपम खेर और दर्शन कुमार को भी बेस्ट ऐक्टर की श्रेणी में ‘शॉर्टलिस्ट’ किया गया है. (आर्काइव)

अभिनेता अनुपम खेर ने भी ट्वीट कर ये बताया कि फ़िल्म द कश्मीर फ़ाइल्स और उन्हें ऑस्कर 2023 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. उन्होंने कहा कि ‘शॉर्टलिस्ट’ होना भी उनके लिए एक बड़ी जीत है. (आर्काइव)

‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ में अभिनय करने वाले एक ऐक्टर दर्शन कुमार ने ट्वीट किया कि वो ऑस्कर 2023 के लिए बेस्ट ऐक्टर की श्रेणी में ‘शॉर्टलिस्ट’ होने पर सच में भाग्यवान महसूस कर रहे हैं. (आर्काइव)

‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ को ‘अश्लील’ और प्रोपेगैंडा फ़िल्म कहने वाले आलोचकों पर मिथुन चक्रवर्ती ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी. इकोनॉमिक टाइम्स ने मिथुन चक्रवर्ती के हवाले से कहा, “ये बहुत अच्छा लगा कि कश्मीर फ़ाइल्स को शॉर्टलिस्ट किया गया है. ये सभी आलोचनाओं का जवाब है. फ़िल्म को अश्लील और प्रोपेगैंडा बताने वाली जूरी को आज इसका जवाब मिल गया है. लोगों ने फ़िल्म को पसंद किया है और यही उनका जवाब है. (आर्काइव)


मीडिया आउटलेट रिपब्लिक ने रिपोर्ट किया कि अकैडमी पुरस्कारों की पहली लिस्ट में ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ को ऑस्कर 2023 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया. इस रिपोर्ट के मुताबिक, द कश्मीर फ़ाइल्स उन पांच फ़िल्मों में से एक है, जिन्हें ऑस्कर 2023 में ऑशिसियल एंट्रिज के रूप में भारत से शॉर्टलिस्ट किया गया है. उन्होंने निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के इस दावे का हवाला दिया. एक रिपोर्टर ने टीवी पर ये भी कहा कि जो 44 पेज की लिस्ट जारी की गई है उसमें उन फ़िल्मों के नाम भी शामिल हैं जिन्हें ’95वें एकेडमी अवॉर्ड्स’ के लिए चुना गया है. रिपोर्टर कहती है कि इस फ़िल्म को सूची में शामिल करना उस लॉबी के लिए एक बड़ा झटका है जिसने ये आरोप लगाया था कि फ़िल्म सिर्फ समाज के एक निश्चित वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई गई है. (आर्काइव)

इंडिया टुडे ने भी ट्वीट किया, “#TheKashmirFiles को #Oscars2023 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया. निर्देशक #VivekAgnihotri ने कहा, ‘ये तो अभी शुरुआत है.” (आर्काइव)

टाइम्स नाउ ने अनुपम खेर के एक इंटरव्यू की क्लिप ट्वीट करते हुए लिखा, ‘द कश्मीर फाइल्स’ को ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट किए जाने के बाद अनुपम खेर ने टाइम्स नाउ से बात की. उन्होंने कहा कि शॉर्टलिस्टिंग का मतलब नॉमिनेट होना नहीं है बल्कि शॉर्टलिस्टिंग पहला कदम है जिसे सेलिब्रेट करना चाहिए. उनके मुताबिक, विरोध के बावजूद फ़िल्म का शॉर्टलिस्ट होना एक बड़ी जीत है. (आर्काइव)

कई अन्य मीडिया आउटलेट्स ने भी ये ट्वीट किया कि द कश्मीर फ़ाइल्स को ऑस्कर 2023 के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. इस लिस्ट में मिरर नाउ, ज़ी न्यूज़ इंग्लिश, ऑल इंडिया रेडियो न्यूज़, टाइम्स नाउ भारत, मोजो स्टोरी और फ़िल्मी बीट शामिल है.

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वियोन ने बताया कि कन्नड़ फ़िल्म कंतारा को भी बेस्ट पिक्चर और बेस्ट एक्टर कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट किया गया है. (आर्काइव)

फ़ैक्ट-चेक

यहां ध्यान देने वाली पहली बात ये है कि द एकेडमी ऑफ़ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज (AMPAS) द्वारा जारी की गई लिस्ट का टाइटल है, रिमाइंडर लिस्ट ऑफ़ प्रोडक्शन्स एलिजिबल फ़ॉर द 95TH अकैडमी अवार्ड्स. 44 पेज के लिस्ट में कहीं भी ‘शॉर्टलिस्ट’ शब्द का ज़िक्र नहीं किया गया है.

दूसरी बात, 21 दिसंबर, 2022 को जिस 10 श्रेणियों के लिए 95वें ऑस्कर शॉर्टलिस्ट की घोषणा की गई थी. उनके नाम नीचे दिए गए हैं:

  • डॉक्यूमेंट्री फ़ीचर फ़िल्म
  • डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फ़िल्म
  • अंतर्राष्ट्रीय फ़ीचर फ़िल्म
  • मेकअप और हेयर स्टाइलिंग
  • संगीत (ओरिजिनल स्कोर)
  • संगीत (ओरिजिनल गीत)
  • एनिमेटेड शॉर्ट फ़िल्म
  • लाइव एक्शन शॉर्ट फ़िल्म
  • साउंड
  • विजुअल इफ़ेक्ट्स

ऑफ़िशियल वेबसाइट के मुताबिक, इन शॉर्टलिस्ट में से अंतर्राष्ट्रीय फ़ीचर फ़िल्म श्रेणी को छोड़कर सभी फ़ीचर का निर्णय एक समिति द्वारा किया जाता है. इसे एक ब्रांच के रूप में जाना जाता है. इस श्रेणी में शॉर्टलिस्ट करने का काम सभी ब्रांच्स के अकेडमी सदस्य निर्धारित करते हैं जिन्हें प्रारंभिक राउंड के वोटिंग के लिए आमंत्रित किया जाता है. वोट देने के योग्य होने के लिए कम से कम उन्हें देखने की न्यूनतम आवश्यकता को पूरा करना होता है.

पहले से पब्लिश शॉर्टलिस्ट के मुताबिक, नीचे दी गई श्रेणियों में से सभी के लिए 15 एंट्रीज़ चुनी गई हैं:

  • डॉक्यूमेंट्री फ़ीचर फ़िल्म
  • डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फ़िल्म
  • अंतर्राष्ट्रीय फ़ीचर फ़िल्म
  • संगीत (ओरिजिनल स्कोर)
  • संगीत (ओरिजिनल गीत)
  • एनिमेटेड शॉर्ट फ़िल्म
  • लाइव एक्शन शॉर्ट फ़िल्म

और नीचे दी गई श्रेणियों में से सभी के लिए 10 एंट्रीज़ का चयन किया गया है:

  • विजुअल इफ़ेक्ट्स
  • साउंड
  • मेकअप और हेयर स्टाइलिंग

ये ध्यान दिया जाना चाहिए कि ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ को 10 कैटेगरीज़ के लिए किसी भी शॉर्टलिस्ट में जगह नहीं मिली है. इसके अलावा, बेस्ट ऐक्टर और बेस्ट ऐक्टर्स के अवार्ड्स के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं होते हैं. इसलिए, ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ के निर्माताओं द्वारा किए गए दावों के उलट, अनुपम खेर या पल्लवी जोशी को इस श्रेणी लिए शॉर्टलिस्ट किए जाने का कोई सवाल ही नहीं है.

भारतीय एंट्रीज़ की बात करें तो गुजराती फ़िल्म छेलो शो (द लास्ट शो) इंटरनेशनल फ़ीचर फ़िल्म श्रेणी में भारत की ऑफ़िशियल एंट्री है. SS राजामौली की RRR फ़िल्म के ट्रैक ‘नाटू नाटू’ को बेस्ट ओरिजिनल सॉंग की श्रेणी में साथ ही दो भारतीय फ़िल्में- ऑल दैट ब्रीथ्स को द डॉक्यूमेंट्री फ़ीचर फ़िल्म और द एलिफेंट व्हिस्परर्स को डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फ़िल्म की श्रेणी में शॉर्टलिस्ट किया गया है.

रिमाइंडर लिस्ट VS शॉर्टलिस्ट

ऑल्ट न्यूज़ द्वारा भेजे गए एक मेल के जवाब में पुरस्कार प्रशासन, सीनियर मैनेजर, मेम्बर रिलेशन और ग्लोबल आउटरीच, माइकल बेनेडिक्ट, ने हमें बताया कि रिमाइंडर लिस्ट उन सभी योग्य फ़िल्मों की लिस्ट है जो जनरल एंट्री (बेस्ट पिक्चर और क्राफ्ट श्रेणियों) के लिए दर्ज की गई हैं. दूसरी ओर शॉर्टलिस्ट फ़िल्मों की एक लिस्ट है जो विशिष्ट श्रेणियों में अगले राउंड में आगे बढ़ी हैं. पुरस्कार कुल 24 श्रेणियों में दिए जाते हैं. उन सभी के पास शॉर्टलिस्ट नहीं है.

अकैडमी की वेबसाइट के मुताबिक, 95वें अकैडमी अवार्ड ईयर के लिए लागू नियमों के तहत विचार के लिए रिक्वायर्ड एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया हैं:

  • फ़ीचर फ़िल्मों को 1 जनवरी, 2022 और 31 दिसंबर, 2022 के बीच कम से कम 6 अमेरिकी महानगरीय क्षेत्र: लॉस एंजेलिस काउंटी, न्यूयॉर्क सिटी, द बे एरिया, शिकागो, इलेनॉयस, मियामी, फ्लोरिडा और अटलांटा, जॉर्जिया, के कमर्शियल मोशन पिक्चर थिएटर में लगना चाहिए.
  • फ़िल्मों को एक ही जगह लगातार सात दिनों का न्यूनतम क्वालीफाइंग रन पूरा करना होगा.
  • फीचर फ़िल्मों का चलने का समय 40 मिनट से ज़्यादा होना चाहिए.
  • बेस्ट पिक्चर के योग्य होने के लिए, फ़िल्मों को पेश करने की रिक्वायरमेंट सबमिशन के रूप में एक कॉन्फिडेंशियल अकैडमी रिप्रजेंटेशन और इन्क्लुजन स्टैंडर्ड्स एंट्री पेश करनी होगी.

इन नियमों की पूरी लिस्ट यहां देखी जा सकती है.

हमने न्यूयॉर्क इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल के फ़ेस्टिवल डायरेक्टर असीम छाबड़ा से बात की. उन्होंने बताया कि एक रिमाइंडर लिस्ट शॉर्टलिस्ट नहीं है. रिमाइंडर लिस्ट उन सभी फ़िल्मों की लिस्ट होती है जिन्होंने ऑस्कर के लिए क्वालीफाई किया है. इस बार 301 फ़िल्में ऐसी हैं, जो योग्य होने की क्राइटेरिया पर खरी उतरी हैं. इस प्रोटोकॉल का हर साल पालन किया जाता है. अमेरिका में रिलीज होने वाली द कश्मीर फ़ाइल्स और गंगूबाई काठियावाड़ी जैसी कई भारतीय फ़िल्में योग्य हैं. ये फ़िल्म की क्वालिटी पर निर्भर नहीं करता है.

असीम छाबड़ा ने आगे बताया कि हर साल 21 दिसंबर के आसपास अकैडमी 10 श्रेणियों के लिए शॉर्टलिस्ट जारी करती है. लेकिन बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर, बेस्ट ऐक्टर, बेस्ट ऐक्ट्रेस आदि कैटेगरी में शॉर्टलिस्ट नहीं होती है. इसके बाद अकैडमी के सदस्य सभी श्रेणियों के नामांकन के लिए वोट देते हैं जिनमें शॉर्टलिस्ट नहीं होने वाले भी शामिल हैं. बेस्ट पिक्चर श्रेणी को छोड़कर सभी श्रेणी के लिए नामांकन में पांच एंट्रीज़ शामिल हैं जिसमें ज़्यादा से ज़्यादा 10 एंट्रीज़ शामिल हो सकती हैं.

गंगूबाई काठियावाड़ी और द कश्मीर फ़ाइल्स जैसी फ़िल्में रिमाइंडर लिस्ट में 301 फ़िल्मों का हिस्सा हैं और इसलिए ये बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर, आदि की श्रेणियों के लिए योग्य हैं. अब इन्हें अवार्ड मिलेगा या नहीं ये इस बात पर निर्भर करता है कि अकैडमी के सदस्य किसे वोट दे रहे हैं.

कुल मिलाकर, ये साफ़ है कि रिमाइंडर लिस्ट का मतलब शॉर्टलिस्ट नहीं है. एलिजिबिलिटी को पूरा करने वाली कोई भी फ़िल्म रिमाइंडर लिस्ट का हिस्सा हो सकती है. फ़िल्म देखने वाले अकैडमी के सदस्य तय करते हैं कि कौन सी फ़िल्म नामांकित / शॉर्टलिस्ट की जाती है. यानी, विवेक अग्निहोत्री, अनुपम खेर और अन्य लोगों के ट्वीट और मीडिया रिपोर्ट्स में ‘द कश्मीर फ़ाइल्स’ को ‘शॉर्टलिस्ट’ किए जाने का दावा झूठा है.

इसके अलावा, फिल्म क्रू द्वारा किया गया ये दावा भी झूठा है कि कुछ ऐक्टर्स को बेस्ट ऐक्टर्स के अवार्ड के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है. क्योंकि बेस्ट ऐक्टर्स के अवार्ड के लिए कोई शॉर्टलिस्ट नहीं है.

95वें अकैडमी अवार्ड के लिए नामांकन की घोषणा मंगलवार, 24 जनवरी 2023 को की जाएगी, जबकि ऑस्कर समारोह रविवार, 12 मार्च, 2023 को ओवेशन हॉलीवुड के डॉल्बी थिएटर में आयोजित किया जाएगा.

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