दोस्तों ने किया 4 करोड़ बीमा और फिर लगाया शैतानी दिमाग…लालच, फरेब, हत्या की ऐसी कहानी जो दिमाग हिला देगी


नासिक: कहते हैं लालच बुरी बला है। जो आदमी दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है वह उसमें खुद गिरता है। यह कहावत महाराष्ट्र की एक घटना पर सच बैठती है। यह कहानी हैरान कर देने वाली है, जिसमें दोस्ती, साजिश, हत्या और गिरफ्तारी सब है। एक महिला समेत 7 लोग हैं। क्राइम पेट्रोल में एक एपिसोड देखा और उससे जल्दी अमीर बनने का आइडिया मिला। सातों दोस्तों ने मिलकर एक खौफनाक साजिश रची। साजिश थी एक दोस्त का 4 करोड़ रुपये का बीमा कराने की। बीमा कराकर उसके छिप जाने की और उसकी कदकाठी के किसी अनजान शख्स को मारकर 4 करोड़ बीमा हड़पने की। योजना बनाने के लेकर अंजाम देने तक 2 साल का समय लगा। हालांकि मामला तब उल्टा पड़ गया जब बीमा वाले दोस्त की कदकाठी का कोई दूसरा शख्स नहीं मिला। दोस्तों ने रुपयों के लालच में उसकी हत्या कर दी। बीमा की रकम हड़प ली और लग्जरी लाइफ जीने लगे। उन्हें नहीं पता था कि जिस घटना का वह भूल चुके हैं वह अभी भी जिंदा है। आखिरकार एक साल बाद मामला उठा। पुलिस ने गुपचुप जांच की और फिर केस का खुलासा किया। सभी 6 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

घटना महाराष्ट्र के नासिक की है। पुलिस ने बताया कि देवलाली कैंप निवासी अशोक भालेराव पिछले साल 2 सितंबर को इंदिरानगर जॉगिंग ट्रैक के पास मृत मिले थे। पुलिस ने इसे दुर्घटना में मौत माना। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ हिट एंड रन का केस दर्ज करके फाइल बंद कर दी गई। भालेराव का दाह संस्कार हो गया। उनकी पत्नी को बीमा की रकम मिल गई।

भाई ने पुलिस में की शिकायत

कुछ दिन पहले भालेराव के भाई दीपक ने पुलिस से संपर्क किया और भाई की हत्या की आशंका जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें शक है कि उनके भाई की मौत आकस्मिक नहीं थी, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत उनकी हत्या की गई। शिकायत पर पुलिस ने गुपचुप जांच शुरू कर दी।

महाराष्ट्र पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने मंगेश सावकर और एक महिला के बैंक बैलेंस की जांच की। महिला ने बैंक में खुद को भालेराव की पत्नी बताया था। वहीं मंगेश सावरकर ने खुद को उसका भाई होने का दावा किया था। पुलिस को दोनों के बैंक खातों में बड़ी रकम मिली है। जब आगे की जांच में चार और लोगों के शामिल होने का पता चला, तो पुलिस ने सभी 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

यह थी योजना

डीसीपी किरणकुमार चव्हाण ने बताया कि भालेराव और सावकर गहरे दोस्त थे। उन्हें क्राइम सीरियल देखना पसंद था। उन्होंने एक दिन उन्होंने टीवी पर क्राइम पेट्रोल देखा। इसके एक एपिसोड को देखकर उनके दिमाग में खुराफात आई, जिससे वह जल्दी अमीर बन सकते थे। उन्होंने 2018 में एक बड़ी योजना बनाई। यह योजना थी कि भालेराव की बीमा पॉलिसी कराई जाए। उसके जैसा दिखने वाला एक शख्स ढूंढा जाए। भालेराव छिप जाएगा और उसके जैसा दिखने वाले शख्स को मारकर बीमा की रकम हड़प ली जाएगी। इस योजना को अंजाम देने के लिए उन्होंने काम करना शुरू कर दिया।

महिला दोस्त को बनाया दोस्त
इस योजना को अंजाम देने के लिए एक महिला की जरूरत थी, जो भालेराव की पत्नी बन सके। उनके ग्रुप की एक महिला दोस्त को संपर्भीक किया गया। सब रुपयों के लालच में राजी हो गए। साजिश पर काम शुरू हुआ। 2019 में भालेराव के नाम पर एक बीमा पॉलिसी खरीदी गई। इस बीमा की रकम 4 करोड़ रुपये थी। इसकी किश्त भरी गई। इधर भालेराव जैसा दिखने वाला शख्स ढूंढा जाने लगा। सब सुबह से लेकर शाम तक अलग-अलग जगहों पर जाते। बैठते, घूमते और लोगों पर नजर रखने लगे। तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें ऐसा शख्स नहीं मिला।

योजना पर शुरू हुआ काम
भालेराव जैसे इंसान को खोजने में लगभग डेढ़ साल लग गए उन लोगों को ऐसा शख्स नहीं मिला। योजना विफल होती नजर आई। दोस्त मौका नहीं गंवाना चाहते थे। उन्होंने भालेराव को अलग रखकर एक दूसरी योजना बनाई। यह थी भालेराव को मारने की। भालेराव दोस्तों की इस खौफनाक साजिश से अंजान था। वह उन लोगों के साथ सामान्य रह रहा था। इधर दोस्त उसे मारने का मौका ढूंढ रहे थे ताकि वह मर जाए और यह एक हादसा लगे। तड़के वे टहलने जाने लगे। उन्होंने भालेराव से कहा कि सुबह सड़कों के किनारे रहने या टहलने वालों में वह उसकी कदकाठी का इंसान ढूंढ सकते हैं।

भालेराव को ऐसे मारा
2 सितंबर 2021 को वह भालेराव को सुबह लेकर गए। यहां उसकी हत्या कर दी। उसका शव जॉगिंग ट्रैक के पास ले जाकर फेंक दिया। उसकी हत्या इस तरह से की गई ताकि यह एक हादसा लगे। पुलिस ने जांच की और इस हिट एंड रन का केस माना। अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत का मामला दर्ज किया गया।



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