दक्षिण अफ्रीका में दंगे के बीच भारतीयों को बना रहे निशाना, देश छोड़ने का मिल रहा मैसेज


डरबन. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा (Jacob Zuma) की 7 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 300 लोग मारे गए हैं. इनमें से अधिकतर भारतीय मूल (Indian Origin) के लोग हैं. अब जोहानिसबर्ग और डरबन में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को सोशल मीडिया के जरिए जान की धमकी दी जा रही है. उन्हें चेताया जा रहा है कि अगर वो अपनी जान की परवाह करते हैं, तो जहां से आए थे वहीं वापस लौट जाए.

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसा के दौरान दंगाई भारतीय मूल के लोगों को निशाना बना रहे हैं और उनके व्यवसायों व संपत्तियों को जला रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल की आबादी करीब 14 लाख है, जिसमें से दो-तिहाई डरबन में रहती है. इनमें से ज्यादातर लोगों को वॉट्सऐप पर धमकी भरे मैसेज आ रहे हैं. मैसेज करने वाला इन लोगों को हिंसा के पार्ट-2 की धमकी दे रहा है. एक मैसेज में लिखा है- ‘अपनी सलामती चाहते हो तो जहां से आए हो वहीं लौट जाओ.’

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डरबन के रहने वाले 33 वर्षीय और सामाजिक कार्यकर्ता किमशान रमन ने हाल ही में OCI (ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया) कार्ड के लिए अप्लाई किया है. उन्होने कहा, “यह एक दहशत भरी प्रतिक्रिया है. भारतीयों को निशाना बनाकर मैसेज और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं. हम हमारे परिवारों की रक्षा करना चाहते हैं.”

9 जुलाई से दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दंगे अभी भी हो रहे हैं. आगजनी और लूटपाट के चार दिन बाद राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने हिंसा को दबाने के लिए सेना को तैनात किया था. हिंसा के कारण भारतीय मूल के दक्षिण अफ्रीकी नागरिक बैक अप प्लानिंग कर रहे हैं. कइयों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ओसीआई कार्ड के लिए आवेदन किया है या ऐसा करने की प्रक्रिया में हैं.

महात्मा गांधी की पोती इला गांधी भी डरबन में रहती हैं. उन्होंने कहा, “हम लोगों को नस्लीय आधार पर एकजुट करने और शांति और सद्भावना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ वर्गों की धमकियों के कारण बहुत अनिश्चितता और असुरक्षा का माहौल है. हम नहीं जानते कि वे कहां हमला करने जा रहे हैं और कब हमला करने जा रहे हैं.”

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औपनिवेशिक काल में 1860 से 1911 के बीच भारतीय गिरमिटिया मजदूरों के रूप में दक्षिण अफ्रीका पहुंचे. इन्हें ब्रिटिश हुकूमत द्वारा बागानों, रेलवे और खदानों में काम करने के लिए ले जाया गया था.दक्षिण अफ्रीका में लगभग 1.5 मिलियन भारतीय हैं जो जनसंख्या का मात्र 2.5% है, जिसमें लगभग एक मिलियन क्वाज़ूलू-नताल (KwaZulu-Natal) प्रांत में रहते हैं.

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