थलाइवा का जलवा: 4 दिन में 174 करोड़ के पार पहुंचा रजनीकांत की फिल्म ‘अन्नाथे’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन, वर्ल्डवाइड कमाए 28 करोड़


8 मिनट पहले

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रजनीकांत की लेटेस्ट फिल्म अन्नाथे ने रिलीज के चार दिन बाद ही 174 करोड़ का आंकड़ा बॉक्स ऑफिस पर पार कर लिया है। फिल्म ट्रेड एनालिस्ट त्रिनाथ ने एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान कहा, फिल्म ने तमिलनाडु में जबरदस्त कमाई की है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 174 करोड़ रुपए हो चुका है। फिल्म को दिवाली वीकेंड की वजह से काफी फायदा हुआ है और लोग फिल्म देखने के लिए थिएटरों में पहुंच रहे हैं। अब देखना ये है कि इस हफ्ते दिवाली के बाद लोग थिएटरमें कितना पहुंचते हैं और फिल्म देखते हैं।

रजनीकांत की 9वीं फिल्म जो गई 100 करोड़ पार

अन्नाथे रजनीकांत की 9 वीं फिल्म है जो कि 100 करोड़ के कलेक्शन के पार पहुंची है। फिल्म के डायरेक्टर सिवा हैं। इसमें कीर्ति सुरेश ने रजनीकांत की बहन की भूमिका निभाई है। इसके अलावा फिल्म में खुशबू सुंदर, मीना और जगपथी बाबू भी अहम् किरदारों में हैं। फिल्म को पेद्दन्ना नाम से तेलगु में डब किया गया है।

पिछले दिनों सुपरस्टार रजनीकांत को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। उन्हें पिछले दिनों चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी कैरोटिड धमनी की सर्जरी हुई थी। कावेरी अस्पताल द्वारा जारी एक मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, पद्म भूषण पुरस्कार विजेता कैरोटिड एंडाटेरेक्टॉमी से गुजरने के बाद ठीक हो रहे हैं। यह एक सर्जरी थी जिसके जरिए उनके मस्तिष्क में सामान्य रक्त प्रवाह को बहाल करने के लिए कैरोटिड धमनी के अंदर से क्लॉट को हटाया जाता है।

रजनीकांत ने 26 दिन में छोड़ दी थी राजनीति

रजनीकांत का राजनीति में आने का सपना पिछले साल अधूरा ही रह गया। 70 साल के रजनी ने खराब सेहत की वजह से चुनावी राजनीति में नहीं आने का फैसला किया है। 3 दिसंबर को रजनीकांत ने कहा था कि वे नई पार्टी बनाएंगे और 2021 का विधानसभा चुनाव भी लड़ेंगे। 31 दिसंबर को नई पार्टी का ऐलान किया जाएगा, लेकिन ऐसा हो ना सका और 26 दिन के अंदर ही उन्होंने राजनीति छोड़ दी।

चार साल की उम्र में मां का निधन हो गया था

12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरु के एक मराठी परिवार में जन्मे रजनी का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। जीजाबाई और रामोजी राव की चार संतानों में शिवाजी सबसे छोटे थे। उनकी स्कूलिंग बेंगलुरु में हुई। रजनीकांत चार साल के थे, तभी उनकी मां का निधन हो गया था। घर की माली हालत बहुत अच्छी नहीं थी। इसलिए रजनीकांत ने कुली से लेकर बस कंडक्टर तक का काम किया। बस में टिकट काटने के अनोखे अंदाज की वजह से ही वे पॉपुलर हुए और दोस्तों ने उन्हें फिल्मों में एक्टिंग करने की सलाह दी।

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