डिलीवरी बाद सबसे पहली गलती ये करती हैं मांएं, गायनेकोलॉजिस्‍ट ने खुलकर बताया सही तरीका


ब्रेस्‍टफीडिंग, अपने बच्‍चे का भरण-पोषण करने का एक प्राकृतिक तरीका है और नवजात शिशु के लिए स्‍तनपान करवाना आवश्‍यक माना जाता है, खासतौर पर पहले 6 महीनों के लिए। नैचुरल प्रक्रिया होने के बावजूद कई नई मांओं और उनके नवजात शिशुओं को ब्रेस्‍टफीडिंग सीखने में समय लग जाता है और मां को पता नहीं चल पाता है कि वो अपने शिशु को ठीक तरह से दूध पिला रही हैं या नहीं।

ब्रेस्ट मिल्‍क इम्‍यूनिटी बनाने में मदद करता है और बेबी को भविष्‍य में होने वाली कई बीमारियों से बचाता है। चूंकि, यह आपके और आपके बच्‍चे के लिए अहम होता है इसलिए थोड़े समय और धैर्य के साथ आप बेबी को सही तरह से दूध पिलाना सीख सकती हैं। शुरुआत में बेबी को निप्‍पल से दूध खींचने, ब्रेस्‍ट एंगॉर्जमेंट, क्रैक निप्‍पल और ब्रेस्‍ट में अपर्याप्‍त दूध बनने की दिक्‍कत आ सकती है। ल‍ेकिन लगातार प्रयासों, समय और धैर्य के साथ आप अपने बेबी को सही तरह से ब्रेस्‍टफीडिंगकरवाना सीख सकती हैं।

ब्रेस्‍टफीडिंग क्‍यों जरूरी है

ब्रेस्‍ट मिल्‍क बेबी को दस्‍त, कान में संक्रमण, छाती में इंफेक्‍शन और मूत्र मार्ग में संक्रमण जैसे इंफेक्‍शनों से बचाता है। जिन बच्‍चों को मां का दूध मिलता है, उनमें एक्जिमा, अस्‍थमा, डायबिटीज और हाई बीपी, मोटापे और बचपन में ल्‍यूकेमिया जैसे कैंसर होने का जोखिम कम रहता है।

​ब्रेस्‍टफीडिंग 101

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ब्रेस्‍टफीडिंग सीखने के लिए आपको दिन के अलग-अलग समय और अलग-अलग पोजीशन को ट्राई करना होगा और देखना होगा कि आपके और आपके बेबी के लिए क्‍या बेस्‍ट काम करता है। ब्रेस्‍टफीडिंग से जुड़ी ज्‍यादातर समस्‍यां डिलीवरी के बाद पहले कुछ हफ्तों में ही आती हैं। टाइम्‍स ऑफ इंडिया में प्रकाश्तिा एक आर्टिकल में फोर्टिस अस्पताल, बैंगलोर से सलाहकार प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, गीथ मोनप्पा ने नई माओं को स्तनपान कराने में मदद करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

फोटो साभार : TOI

​पास रखें

डिलीवरी के तुरंत बाद से ही बेबी को अपने पास रखने से ब्रेस्‍ट मिल्‍क शुरू करने में मदद मिलती है और धीरे-धीरे समय के साथ आप बच्‍चे की जरूरतों को समझ पाती हैं।

फोटो साभार : unsplash

​पोजीशन

पीठ को सीधा रखकर बैठें और कमर और बांहों को तकिये का सहारा दें। इससे आपको ब्रेस्‍टफीडिंग के दौरान गलत पोस्‍चर में बैठने पर आगे चलकर पीठ दर्द नहीं होगा। लेटकर दूध पिलाना भी कंफर्टेबल पोजीशन है।

​बेबी की पोजीशन

आप देखें कि इनमें से आप और आपके बेबी को कौन-सी पोजीशन सूट करती है :

  • टमी टू ममी : अपने बेबी को पकड़ें और उसक सिर, कंधे और शरीर एक सीध में होने चाहिए।
  • नाक से निप्‍पल : नाक और बेबी का ऊपरी होंठ निप्‍पल के विपरीत होना चाहिए।
  • ब्रेस्‍ट तक बेबी को नहीं बल्कि बेबी तक ब्रेस्‍ट को ले जाना है।

Breast Feeding Diet

​बच्चे को ब्रेस्‍ट से सटाना

दूध पीने के लिए बच्‍चे का पूरा मुंह खुला होना चाहिए। इस समय आप जल्‍दी से उसके मुंह में ब्रेस्‍ट लगाएं। बेबी के मुंह के अंदर पूरा निप्‍पल जाना चाहिए।

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