जोड़ों का दर्द ना बन जाए बड़ी समस्या, अभी से अपना लें ये उपाय, दर्द की होगी छुट्टी


सीवान के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रमेश्वर सिंह का कहना है कि अर्थराइटिस एक मेडिकल टर्म है, जिसके अंतर्गत जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न व अन्य रोग आते हैं. आमतौर पर, एक या एक से अधिक शारीरिक जोड़ में सूजन और दर्द आदि को अर्थराइटिस कहते हैं।

जैसा कि हम जानते हैं की हमारे हिलने-डुलने, चलने-फिरने या कुछ चीज उठाने में शरीर के विभिन्न जोड़ मदद करते हैं। लेकिन बढ़ती उम्र के साथ एक समस्या उत्पन्न होती है:-  जोड़ों में दर्द यानी अर्थराइटिस की समस्या। इसके वजह से रोजमर्रा के जीवन में काफी तकलीफ और असहजता का सामना करना पड़ता है। लेकिन कुछ स्वास्थ्यवर्धक खाना के सेवन से ना सिर्फ जोड़ों का दर्द कम होता है, बल्कि भविष्य में अर्थराइटिस का खतरा भी कम होता है।

आइए जानते हैं कि क्या है अर्थराइटिस और अर्थराइटिस में क्या खाना चाहिए?

अर्थराइटिस:-

सीवान के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रमेश्वर सिंह का कहना है कि अर्थराइटिस एक मेडिकल टर्म है, जिसके अंतर्गत जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न व अन्य रोग आते हैं. आमतौर पर, एक या एक से अधिक शारीरिक जोड़ में सूजन और दर्द आदि को अर्थराइटिस कहते हैं। अर्थराइटिस के लक्षणों की बात कि जाए, तो इसमें दर्द, अकड़न, सूजन, जोड़ों का पूरी तरह ना मुड़ पाना आदि शामिल होते हैं। आपको बता दें कि प्रत्येक साल 12 अक्टूबर को दुनियाभर में विश्व अर्थराइटिस दिवस मनाते है।

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जोड़ों का दर्द दूर करने के लिए क्या खाना चाहिए?

डॉ प्रभा का कहना है कि, जोड़ों का दर्द कम करने के लिए उनके ऊपर से प्रेशर व तनाव हटाना बहुत जरूरी होता है। जिसमें एक हेल्दी व बैलेंस्ड डाइट और हेल्दी बॉडीवेट काफी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। इसलिए, अर्थराइटिस के लक्षणों से लड़ने और कम  करने के लिए आप अपनी खान-पान में इन चीजों को शामिल कर सकते हैं

हम सभी के स्वास्थ्य के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड काफी महत्वपूर्ण पोषक तत्व है, जिसे प्राप्त करने के लिए ठंडे पानी में मिलने वाली मछली बेहतरीन स्त्रोत है। इसलिए आप ओमेगा-3 लेने के लिए टूना, सैल्मन और सार्डिन जैसी ठंडे पानी की मछलियों का सेवन कर सकते हैं। अगर आप मछली का सेवन नहीं करते हैं, तो आप फिश ऑयल सप्लीमेंट के विकल्प की तरफ भी जा सकते हैं।

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नट्स और सीड्स अति लाभकारी:-

शाकाहारियों को ओमेगा-3 फैटी एसिड से बचने होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ठंडे पानी की मछलियों के अलावा भी कई तरह के नट्स के सेवन से भी इस महत्वपूर्ण पोषक तत्व को प्राप्त किया जा सकता है. आप प्रत्येक दिन अखरोट, बादाम, मक्के का दलिया और पाइन नट्स की थोड़ी-थोड़ी मात्रा का सेवन करके भी कनेक्टिव टिश्यूज और जोड़ों दर्द और सूजन को दूर कर सकते हैं।

– मृगेंद्र प्रताप सिंह

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।



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