चीन में मिलीं 600 साल पुरानी बौद्ध प्रतिमाएं: गर्मी की वजह से नदी सूखी तो डूबा हुआ द्वीप बाहर आया, तीन मूर्तियां सामने आईं


  • Hindi News
  • Happylife
  • China Buddhist | Chinese Archaeologists Found 600 year Old Buddhist Statues In Yangtze River

बीजिंग2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

बढ़ते तापमान से चीन में हीटवेव का कहर जारी है। सूखे की वजह से यहां यांग्त्जे नदी (Yangtze River) का जल स्तर काफी कम हो गया है। इसके चलते यहां के दक्षिण-पश्चिमी शहर चोंगकिंग में पानी में डूबा द्वीप उजागर हुआ, जिस पर तीन बौद्ध प्रतिमाएं मिली हैं। कहा जा रहा है कि ये मूर्तियां 600 साल पुरानी है।

राजवंशों के दौर में बनी थी मूर्तियां

फोयेलियांग द्वीप की चट्टान के सबसे ऊपरी हिस्से पर इन तीनों मूर्तियों को पाया गया है।

फोयेलियांग द्वीप की चट्टान के सबसे ऊपरी हिस्से पर इन तीनों मूर्तियों को पाया गया है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस द्वीप का नाम फोयेलियांग (Foyeliang) है। इसकी चट्टान के सबसे ऊपरी हिस्से पर इन तीनों मूर्तियों को पाया गया है। इन्हें मिंग और किंग राजवंशों के दौर में बनाया गया था। इनमें से एक मूर्ती में एक साधु को कमल पर बैठे देखा जा सकता है। ये स्टैचू बुद्ध का हो सकता है।

गिर रहा नदी का स्तर

रिपोर्ट के अनुसार चीन 6 दशक में सबसे खतरनाक सूखे से लड़ रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार चीन 6 दशक में सबसे खतरनाक सूखे से लड़ रहा है।

हीटवेव और सूखा पड़ने के कारण यांग्त्जे नदी तेजी से सूखती जा रही है। मौसम विभाग की मानें तो यांग्त्जे बेसिन में जुलाई के बाद से सामान्य से लगभग 45% कम बारिश हुई है। बढ़ा हुआ तापमान कम से कम एक हफ्ते और बना रह सकता है। स्टेट ब्रॉडकास्टर CCTV के अनुसार, चोंगकिंग की 34 काउंटीज में 66 नदियां सूख चुकी हैं।

चीन कर रहा ‘क्लाउड सीडिंग’

6 दशक में सबसे खतरनाक सूखे से लड़ने के लिए चीन अब ‘क्लाउड सीडिंग’ अपना रहा है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिससे मौसम में बदलाव किया जा सकता है। आमतौर पर इसमें आसमान में सिल्वर आयोडाइड या कोई दूसरा क्रिस्टल कण, जो बादलों में मौजूद बर्फ के कणों जैसा हो, उसे तय ऊंचाई पर छोड़ दिया जाता है। वायुमंडल में पानी की बूंदें इन कणों के आसपास जमा होने लगती हैं। इनकी मात्रा बढ़ते ही ये बारिश बनकर गिर जाती हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.