क्या ये तस्वीर गोल्ड मेडल जीतने वाले पहलवानों के किसान आंदोलन के दौरान की है?


कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल 61 मेडल्स जीते. इसमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं. रेसलिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों में बजरंग पुनिया, दीपक पुनिया, रवि कुमार दहिया और नवीन शामिल हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स खत्म होने के बाद से एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें किसान नेता राकेश टिकैत के साथ रेसलर बजरंग पुनिया, दीपक पुनिया और रवि कुमार दहिया एक मंच पर बैठे दिख रहे हैं. इसे शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीर किसान आंदोलन के दौरान की है.

राजस्थान यूथ कांग्रेस ने तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, “ये फोटो किसान आंदोलन की है. और ये तीनों पहलवान अब सोना जीतकर आए हैं.” (आर्काइव लिंक)

कांग्रेस लीडर अलका लांबा ने राजस्थान यूथ कांग्रेस के ट्वीट को कोट ट्वीट करते हुए लिखा, “हमारे अन्नदाताओं का आशीर्वाद और दुआएँ जो थी इन सबके साथ”. (आर्काइव लिंक)

पत्रकार मनदीप पुनिया ने भी इसे किसान आन्दोलन के समय की तस्वीर बताया. (आर्काइव लिंक)

इसे फ़ेसबुक पेज विद INC, युवा देश, व्यंग्य पेज रोफ़ल गांधी इत्यादि ने भी इसी दावे के साथ शेयर किया है.

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ये तस्वीर इसी दावे के साथ फ़ेसबुक और ट्विटर पर वायरल है.

फ़ैक्ट-चेक

हमने देखा कि वायरल तस्वीर में पीछे पोस्टर पर ‘खिलाड़ियों का’ और ‘समारोह’ लिखा दिख रहा है. हमने इससे जुड़े की-वर्ड्स गूगल पर सर्च किये. हमें 10 सितंबर 2021 को ‘ETV भारत‘ की एक रिपोर्ट मिली. इस खबर के मुताबिक, सर्वजाति किसान गरीब मंच ने सोनीपत के खरखौदा में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया था. इसमें टोक्यो ओलंपिक में मेडल विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया था. इस सम्मान समारोह में किसान नेता राकेश टिकैत भी मौजूद थे.


हमें इस सम्मान समारोह से जुड़ा एक वीडियो भी मिला. इस वीडियो में वायरल तस्वीर में मौजूद खिलाड़ी समेत राकेश टिकैत दिख रहे हैं. इस वीडियो में पीछे लगा पोस्टर भी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है जिसपर लिखा है – ‘ओलंपिक पदक विजेता व राष्ट्रपति अवार्डी खिलाड़ियों का सम्मान समारोह’. इस वीडियो में किसान नेता राकेश टिकैत ने बयान दिया कि कोई खिलाड़ी किसी पार्टी, किसी जाति, किसी धर्म का नहीं होता. खिलाड़ी को पॉलिटिक्स से दूर रहना चाहिए.

कुल मिलाकर, सोनीपत के खरखौदा में सर्वजाति किसान गरीब मंच द्वारा आयोजित खिलाड़ियों के सम्मान समारोह की तस्वीर को कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने किसान आंदोलन का बताकर शेयर किया.

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