क्या आप जानते हैं हार्ट के लिए कम नुकसानदेह है ब्लेंडेड ऑयल


Benefits of Blended Oil: आजकल की बीमारियों में सबसे ज्यादा डर पैदा हो रहा है हार्ट अटैक से. बाकी बीमारियों में ठीक होने के लिए वक्त मिलता है लेकिन कई बार अगर सीवियर हार्ट अटैक या कार्डियेक अरेस्ट आ जाए तो जान बचना भी मुश्किल है. वैसे तो हार्ट अटैक की बहुत सारी वजह हैं लेकिन उनमें से एक है बैड कोलेस्ट्रोल का बढ़ना. बैड कोलेस्ट्रोल होने के भी कई कारण हैं लेकिन उसमें से एक बड़ी वजह ऑयल. हम कौन सा ऑयल खाएं, कितना खाएं, किस फॉर्म में खाएं ताकि ये तेल नुकसान ना करें.

इस डर की वजह से लोग कम से कम तेल खाना चाहते हैं लेकिन डॉक्टर्स के मुताबिक सही मात्रा में फैट हमारी बॉडी के लिए बेहद जरूरी है. फैट एक मैक्रोन्यूट्रियेंट है जो शरीर के सही फंक्शन करने के लिए बॉडी में चाहिए. अगर आपको भी तेल खाना है लेकिन उसके नुकसान से बचना है तो ब्लेंडेड ऑयल ट्राई करके देखें.

क्या होता है ब्लेंडेड ऑयल

ब्लेंडेड ऑयल में खाने वाले दो या दो से ज्यादा तेल को एक साथ मिक्स किया जाता है और फिर इसे खाने के लिए यूज करते हैं. ब्लेंडेड ऑयल में ऑलिव, कनोला, सरसों, नारियल, तिल या सूरजमुखी के बीज के तेल को मिक्स कर सकते हैं. ये तेल फैटी एसिड को बैलेंस रखता है और साथ ही बैड कोलेस्ट्रोल को भी कम करता है. इस तेल का स्मोक पॉइंट ज्यादा होता है यानी इसे तेज हीट करने पर भी न्यूट्रिशन खत्म नहीं होते.

ब्लेंडेड ऑयल के फायदे

1- ज्यादा मात्रा में तेल खाने से बॉडी में सैचुरेटेड फैट बढ़ता है जिससे बैड कॉलेस्ट्रोल जमा होने लगता है और ये हाई ब्लड प्रेशर की वजह भी बनता है. ब्लेंडेड ऑयल में पॉली और मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड को ऐसे एडजस्ट किया जाता है कि वो हार्ट को नुकसान नहीं पहुंचाते

2- खासतौर पर इंडियन खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल को तेज हीट पर पकाया जाता है और ब्लेंडेड ऑयल का फायदा भी यही है कि ये मिक्स होकर तेज हीट पर पकाने पर भी नुकसान नहीं करता . इनका हाई स्मोक पॉइंट होता है और ये इस प्रोसेस में अपनी न्यूट्रिशियस वैल्यू भी नहीं खोते.

3- ब्लेंडेड ऑयल में जो फैटी एसिड का रेशियो होता है वो बैड कोलेस्ट्रोल को कम करता है और गुड कोलेस्ट्रोल को बढ़ाता है जिससे हार्ट हेल्दी रहता है. 
ब्लेंडेड ऑयल में एंटी इंफ्लेमेटरी एलीमेंट भी ज्यादा होता है. एंटी इंफ्लेमेटरी का मतलब है जिससे हमारे शरीर में जलन, सूजन या किसी तरह का दर्द या ऐसी प्रॉब्लम कम हों.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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