क्या आपके स्मार्टफोन में भी हैं ये 2 खतरनाक ऐप, अगर हां, तो फौरन कर दें Uninstall


Alert For Mobile App Users: आजकल जमाना स्मार्टफोन का है. स्मार्टफोन का यूज अब सिर्फ कॉलिंग तक ही सीमित नहीं रहा है. बैंक से लेकर शॉपिंग और नेट सर्फिंग से लेकर सोशल मीडिया तक, सब कुछ यहीं से ऑपरेट होता है. ज्यादा यूज की वजह से खतरे भी बढ़ गए हैं. ऐसे में खुद को सिक्योर रखने के लिए अब बड़ी संख्या में यूजर्स अब एंटीवायरस ऐप और जंक क्लिनर ऐप यूज करते हैं. यूजर्स का सेफ्टी के लिए ये सोचना सही भी है, लेकिन ठग लोगों की इस जरूरत का फायदा उठाकर इसी के जरिये चपत लगा रहे हैं.

दरअसल साइबर क्रिमिनल्स ने इस तरह के नकली ऐप बनाकर लोगों के फोन और बैंक अकाउंट में सेंध लगाना शुरू कर दिया है. अगर आप भी इस तरह के ऐप का इस्तेमाल करते हैं तो आपको अलर्ट होने की जरूरत है. चलिए आपको विस्तार से बताते हैं इस नए खतरे के बारे में.

ये हैं वो दोनों खतरनाक ऐप

रिपोर्ट के मुताबिक, एंटीवायरस ऐप्स और क्लीनर ऐप्स के रूप में खतरनाक SharkBot मैलवेयर गूगल प्ले स्टोर पर पाया गया है. यह मैलवेयर कथित तौर पर यूजर्स का बैंकिंग डेटा चुराता है. बताया गया है कि जिन दो ऐप से सबसे ज्यादा खतरा है उसमें, Mister Phone Cleaner और Kylhavy Mobile Security ऐप शामिल है. इन दोनों ही खतरनाक ऐप को 60,000 से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है.

अपडेट करने के बहाने फंसाता है

NCC ग्रुप के फॉक्स-आईटी के अनुसार, SharkBot मैलवेयर को स्पेन, ऑस्ट्रेलिया, पोलैंड, जर्मनी, अमेरिका और ऑस्ट्रिया में यूजर्स को अपना निशाना बनाने के लिए फिर से लाया गया है. ये मैलवेयर अभी ऊपर बताए गए दोनों ऐप में मिले हैं. इन ऐप्स को ड्रॉपर शार्कबॉट मैलवेयर के इंस्टॉलेशन को ऑटोमैटिकली परफॉर्म करने के लिए एक्सेसिबिलिटी परमिशन की जरूरत नहीं पड़ती है. ये ऐप आपसे एंटीवायरस ऐप्स के लिए फेक अपडेट का मैसेज मोबाइल स्क्रिन पर ब्लिंक कराते हैं. आप अगर उस लिंक पर क्लिक करके अपडेट करने जाते हैं तो आपके फोनन में यह मैलवेयर आ जाता है.

कितना खतरनाक है यह मैलवेयर

फॉक्स-आईटी के अल्बर्टो सेगुरा ने बताया, “हमें गूगल प्ले स्टोर पर दो ऐसे ऐप मिले हैं, जिनमें SharkbotDopper एक्टिव हैं. यह मैलवेयर कथित तौर पर लॉगिन कीस्ट्रोक्स चुरा सकता है. यही नहीं इसके जरिये हैकर्स आपके फोन में मौजूद एसएमएस को इंटरसेप्ट कर सकता है और ऑटोमेटेड ट्रांसफर सिस्टम (एटीएस) का उपयोग करके धोखाधड़ी से फंड ट्रांसफर कर सकता है. फॉक्स-आईटी की थ्रेट इंटेलिजेंस टीम को 22 अगस्त 2022 को वर्जन 2.25 के साथ एक नए शार्कबॉट सैंपल का पता चला.”

नए शार्कबॉट वर्जन में एक नया फीचर दिया गया है, जो पीड़ितों से सेशन कुकीज चुराता है जो उनके बैंक खाते में लॉगिन करता है. हालांकि गूगल पर अभी ये ऐप्स आपको नहीं मिलेंगे, लेकिन अगर पुराने मिलते हैं या आप इन्हें पहले से यूज कर रहे हैं, तो फौरन इसे रिमूव कर दें.

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