कोलकाता पुलिस का दावा ‘मनोरोग’ से जूझ रहे डॉक्टर ने दी थी बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव को जान से मारने की धमकी


अलपन बंदोपाध्याय | फाइल फोटो | एएनआई


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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय को उनकी पत्नी के नाम भेजे गए एक पत्र में मौत की धमकी मिलने के लगभग दो हफ्ते बाद कोलकाता पुलिस ने सोमवार को इस मामले में तीन लोगों गिरफ्तार किया है. अरेस्ट हुए लोगों में एक डॉक्टर, उसका ड्राइवर और एक टाइपिस्ट को शामिल है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह डॉक्टर, जिसकी पहचान अरिंदम सेन के रूप में हुई है, जाधवपुर के केपीसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में काम करता है. वह बिजॉय कुमार कयाल नाम के एक व्यक्ति द्वारा धमकी भरे पत्र टाइप करवाता था और उसके बाद उसका ड्राइवर, रमेश शॉ, उन्हें डाकघर में डाल देता था.

अधिकारियों ने बताया कि जिन स्थानों से पत्र पोस्ट किए गए थे उन स्थानों के सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के बाद पुलिस की निगाह टाइपिस्ट पर पड़ी और फिर इसने ड्राइवर को भी ढूंढ निकाला.

मुरलीधर शर्मा, जॉइंट कमिश्नर (क्राइम), कोलकाता पुलिस ने कहा, ‘25 अक्टूबर को अरिंदम सेन शरत बोस रोड पोस्ट ऑफिस से सात पत्र भेजे थे. इन सात पत्रों में से एक पत्र में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति का पता लिखा था. डॉक्टर द्वारा भेजे गए पत्र की निशानदेही और पूछताछ वाली प्रारंभिक जांच के बाद हमें ऐसा प्रतीत होता है कि उसे किसी तरह की मानसिक समस्या है.’

बचे छह पत्र निदेशक (चिकित्सा शिक्षा), विज्ञान सचिव, एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के प्रिंसिपल, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, पश्चिम बंगाल सरकार के प्रधान सचिव और किसी जूली भट्टाचार्य नाम की महिला को भेजे गए थे.

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