एलियंस की तलाश करेगी दुनिया की सबसे शक्तिशाली दूरबीन, 16 लाख किमी के सफर पर रवाना


हाइलाइट्स

  • नासा की महाशक्तिशाली दूरबीन जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलिस्‍कोप अनंत अंतरिक्ष के सफर पर रवाना
  • कई दशकों की योजना और देरी के बाद इस अंतरिक्ष दूरबीन को क्रिसमस की सुबह लॉन्‍च किया गया
  • करीब 10 अरब डॉलर की यह दूरबीन अब हबल की जगह पर अंतरिक्ष में धरती का आंख बनेगी

वॉशिंगटन
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की महाशक्तिशाली दूरबीन जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलिस्‍कोप अनंत अंतरिक्ष के सफर पर रवाना हो गई है। कई दशकों की योजना और देरी के बाद इस अंतरिक्ष दूरबीन को अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट स्थित फ्रेंच गुयाना अंतरिक्ष केंद्र से क्रिसमस की सुबह लॉन्‍च कर दिया गया। करीब 10 अरब डॉलर की यह दूरबीन अब हबल की जगह पर अंतरिक्ष में धरती का आंख बनेगी। अमेरिकी वैज्ञानिकों के मुताबिक यह दूरबीन अंतरिक्ष में एलियन जीवन का तलाश करेगी।

अमेरिका के ओहियो स्‍टेट यूनिवर्सिटी का दावा है कि इस दूरबीन के शुरू होने के 5 साल के अंदर जेम्‍स वेब दूरबीन अनंत अंतरिक्ष में एलियन जीवन के संकेत का तलाश कर लेगी। स्‍टूडेंट कैपराइस फिलिप का अनुमान है कि यह दूरबीन किसी बौने ग्रह के मात्र कुछ चक्‍कर लगाने के बाद से उसके अंदर मौजूद अमोनिया की पहचान कर लेगी जो जिंदा जीवों द्वारा पैदा किया जाता है। जेम्‍स वेब दूरबीन को ‘टाइम मशीन’ कहा जा रहा है जो ब्रह्मांड के रहस्‍यों का खुलास करके उसे दुनिया के पास भेज सकती है।
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16 लाख किलोमीटर या चंद्रमा से चार गुना अधिक दूरी की यात्रा
विश्व की सबसे बड़ी और सर्वाधिक शक्तिशाली अंतरिक्ष दूरबीन शनिवार को अपने अभियान पर रवाना हो गई। आरंभिक तारों और आकाशगंगाओं की खोज के साथ ही जीवन के संकेतों का पता लगाने के लिए ब्रह्मांड की पड़ताल करेगी। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की ‘जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन’ ने दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट स्थित फ्रेंच गुयाना अंतरिक्ष केंद्र से क्रिसमस की सुबह यूरोपीय रॉकेट ‘एरियन’ पर सवार होकर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी। लगभग 10 अरब डॉलर की लागत से बनी यह वेधशाला अपने गंतव्य तक पहुंचने में 16 लाख किलोमीटर या चंद्रमा से चार गुना अधिक दूरी की यात्रा तय करेगी।

इसे वहां पहुंचने में एक महीने का समय लगेगा और फिर अगले पांच महीनों में इसकी अवरक्त आंखें ब्रह्मांड की पड़ताल शुरू करने के लिए तैयार होंगी। नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था, ‘यह हमें हमारे ब्रह्मांड और उसमें हमारे स्थान की बेहतर समझ देने जा रही है कि हम कौन हैं, हम क्या हैं।’ हालांकि, उन्होंने आगाह करते हुए यह भी कहा था, ‘जब आप एक बड़ा पुरस्कार चाहते हैं, तो आपके सामने आमतौर पर एक बड़ा जोखिम होता है।’
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1990 के दशक से 29 देशों के हजारों लोग कर रहे थे काम

पुरानी हबल अंतरिक्ष दूरबीन के उत्तराधिकारी के रूप में, लंबे समय से लंबित जेम्स वेब दूरबीन का नाम 1960 के दशक में नासा के प्रशासक रहे जेम्स वेब के नाम पर रखा गया है। इस नई सात टन वजनी दूरबीन को बनाने और प्रक्षेपित करने के लिए नासा ने यूरोपीय और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसियों के साथ भागीदारी की, जिस पर 1990 के दशक से 29 देशों के हजारों लोग काम कर रहे थे। दुनियाभर में खगोलविदों को इस दूरबीन के प्रक्षेपण का बेसब्री से इंतजार था।

अंतिम-मिनट की तकनीकी खराबी ने प्रक्षेपण को लगभग एक सप्ताह तक प्रभावित किया और फिर तेज़ हवा ने इसे क्रिसमस की ओर धकेल दिया। नियंत्रण कक्ष में मौजूद लोगों ने सांता टोपियां पहन रखी थीं। दूरबीन के प्रक्षेपण के बाद केंद्र में तालियों की गड़गड़ाहट हुई और उत्साही वैज्ञानिकों ने एक-दूसरे को गले लगाया। वे दूरबीन का नाम लेकर चिल्ला रहे थे, ‘गो वेब (जाओ वेब)।’ एरियनस्पेस के मुख्य कार्याधिकारी स्टीफन इज़राइल ने प्रक्षेपण के बाद कहा, “हमने आज सुबह मानवता के लिए प्रक्षेपण किया।” दूरबीन में कई उपकरण लगे हैं और इसमें सोने की परत चढ़ा एक दर्पण भी लगा है।



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