उपचुनाव परिणाम: सत्ताधारी दलों को हुआ फ़ायदा, हिमाचल, हरियाणा में पिछड़ी भाजपा


तेरह राज्यों और दादरा एवं नगर हवेली की तीन लोकसभा सीटों व 29 विधानसभा सीटों पर गत 30 अक्टूबर को हुए उपचुनाव में पश्चिम बंगाल में टीएमसी, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस, हरियाणा में आईएनएलडी, बिहार में जदयू को सफलता मिली है. असम, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा को लाभ हुआ है.

(फाइल फोटो: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: मंगलवार को देश के 13 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में तीन लोकसभा सीटों और 29 विधानसभा सीटों पर गत 30 अक्टूबर को हुए उपचुनाव के लिए मतगणना हुई. कुछ जगहों पर मतों की गिनती अब भी जारी है, लेकिन अधिकतर सीटों के परिणाम आ चुके हैं.

उल्लेखनीय है कि विधानसभा उपचुनाव असम की पांच, पश्चिम बंगाल की चार, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मेघालय की तीन-तीन, बिहार, कर्नाटक और राजस्थान की दो-दो और आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना की एक-एक सीट के लिए मतदान हुआ था.

उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में अगले साल के शुरु में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन उपचुनावों के नतीजों को देश के मूड के रूप में देखा जा रहा है.

खबर लिखे जाने तक आए नतीजों में असम और पश्चिम बंगाल के मतदाता राज्य की सत्ताधारी दल या गठबंधन के प्रति विश्वास जताते दिख रहे हैं. हिमाचल प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा को झटका लगता दिख रहा है. वहां विपक्षी कांग्रेस को फायदा होता दिख रहा है.

इन 29 विधानसभा सीटों में से भाजपा के पास पहले करीब आधा दर्जन सीटें थीं, वहीं कांग्रेस के पास नौ सीटें और बाकी क्षेत्रीय पार्टियों के पास थीं.

जिन सीटों पर लोकसभा उपचुनाव हुए उनमें दादरा और नगर हवेली, हिमाचल प्रदेश की मंडी और मध्य प्रदेश में खंडवा सीट शामिल है. तीनों लोकसभा सीटों के मौजूदा सदस्यों का निधन हो गया था.

मंडी सीट गत मार्च में रामस्वरूप शर्मा (भाजपा) के निधन के बाद खाली हुई थी. खंडवा संसदीय सीट के लिए उपचुनाव भाजपा सांसद नंद कुमार सिंह चौहान के निधन के चलते करना आवश्यक हो गया था, जबकि दादरा और नगर हवेली में, यह निर्दलीय लोकसभा सदस्य मोहन डेलकर के निधन के कारण कराना पड़ा.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा की चारों सीट पर तृणमूल कांग्रेस की जीत

पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) ने 30 अक्टूबर को हुए उपचुनावों की मंगलवार को हुई मतगणना में अपने प्रतिद्वंद्वियों को रिकॉर्ड अंतर से हराते हुए 4-0 से उनका सूपड़ा साफ कर दिया.

पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में टीएमसी ने कूचबिहार और नदिया जिलों में क्रमश: दिनहाटा सीट और शांतिपुर सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से भारी अंतर से जीत हासिल की है. अब विधानसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या घटकर 77 से 75 हो गई है.

सत्तारूढ़ टीएमसी ने उत्तरी 24 परगना और दक्षिणी 24 परगना जिलों में खारडाह और गोसाबा विधानसभा सीटों को भी प्रभावशाली अंतर से बरकरार रखा. चार विधानसभा क्षेत्रों में टीएमसी को कुल 75.02 फीसदी वोट मिले, जबकि भाजपा को 14.48 फीसदी वोट मिले.

दिनहाटा में टीएमसी के लिए जीत का अंतर 1.64 लाख वोटों के रिकॉर्ड को पार कर गया. इस साल विधानसभा चुनाव में गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक ने इस सीट पर जीत हासिल की थी. दिनहाटा में इस बार एकतरफा मुकाबला देखने को मिला जहां टीएमसी के उदयन गुहा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के अशोक मंडल को 1,64,089 मतों के अंतर से हराया.

उत्तर बंगाल के दिनहाटा में टीएमसी की जीत केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री जॉन बारला द्वारा क्षेत्र के सभी जिलों को शामिल करते हुए अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने की विवादास्पद मांग को देखते हुए महत्वपूर्ण है.

उत्तर बंगाल के इस निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव निशिथ प्रामाणिक के कूचबिहार जिले के लोकसभा सांसद के रूप में बने रहने के निर्णय के कारण आवश्यक हो गया था.

तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सुब्रत मंडल ने भी गोसाबा विधानसभा उपचुनाव में 1,43,051 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की. टीएमसी के सुब्रत मंडल को 1,61,474 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के पलाश राणा को महज 18,423 वोट मिले. सुंदरबन डेल्टा क्षेत्र में गोसाबा विधानसभा क्षेत्र के लिए उपचुनाव कुछ महीने पहले टीएमसी विधायक के निधन के कारण जरूरी हो गया था.

हथकरघा उद्योग के लिए प्रसिद्ध शांतिपुर विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी के ब्रज किशोर गोस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के निरंजन विश्वास को रिकॉर्ड 64,675 मतों से हराया. इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा की जीत हुई थी.

शांतिपुर उपचुनाव भी भाजपा के जगन्नाथ सरकार के इस्तीफे के कारण जरूरी हो गया था, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में हुए चुनावों में सीट जीती थी क्योंकि वह भी अपनी सांसद सीट बरकरार रखना चाहते थे.

खारडाह विधानसभा क्षेत्र में राज्य के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के जॉय साह को 93,832 मतों के अंतर से हराया. चट्टोपाध्याय को 1,14,086 वोट मिले, जबकि साह को 20,254 वोट मिले. इस सीट पर उपचुनाव भी टीएमसी के मौजूदा विधायक के निधन के बाद जरूरी हो गया था.

निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम परिणामों की घोषणा करने से कुछ घंटे पहले ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों को ‘जीत’ के लिए बधाई दी. चुनावों में भाजपा की हार पर तंज कसते हुए टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट किया, ‘सही मायने में पटाखा मुक्त दिवाली. भाजपा के लोगों को दिवाली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं.’

भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने हार के लिए ‘टीएमसी द्वारा फैलाए गए आतंक के शासन’ को जिम्मेदार ठहराया. टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी ने आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया. विधानसभा में अब टीएमसी के सदस्यों की संख्या 215 हो गई है.

राजस्थान में कांग्रेस की धमक, विधानसभा उपचुनाव में दोनों सीटें जीतीं

सत्तारूढ़ कांग्रेस ने विधानसभा उपचुनाव में राज्य की धरियावद व वल्लभनगर, दोनों सीटें जीत ली हैं. कांग्रेस ने उपचुनाव में एक सीट पर अपना कब्जा कायम रखा है तो एक सीट उसने भाजपा से छीनी है.

अगले महीने तीन साल का कार्यकाल पूरा करने जा रही अशोक गहलोत सरकार के लिए इसे बड़ी जीत माना जा रहा है और मुख्यमंत्री गहलोत ने इसे जनता द्वारा राज्य सरकार के सुशासन मुहर बताया है.

निर्वाचन विभाग के अनुसार वल्लभनगर सीट पर कांग्रेस की प्रीति शक्तावत विजयी रहीं. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उदय लाल डांगी को 20606 मतों से हराया.

वहीं धरियावद (प्रतापगढ़) विधानसभा पर कांग्रेस प्रत्याशी नगराज मीणा विजयी रहे हैं. आयोग के अनुसार मीणा ने निर्दलीय उम्मीदवार थावरचंद को 18725 मतों के अंतर से हराया.

अब 200 सीटों वाला राज्य विधानसभा में कांग्रेस पार्टी की सीटें 106 से बढ़कर 108 हो गई हैं. विधानसभा में भाजपा की 71 सीटें हैं जबकि 13 निर्दलीय विधायक हैं. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन जबकि माकपा व भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो दो विधायक हैं.

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने तीनों विधानसभा सीटों, मंडी लोकसभा सीट पर जीत हासिल की

हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका देते हुए विपक्षी दल कांग्रेस ने तीनों विधानसभा सीटों फतेहपुर, अर्की और जुबल-कोटखाई और मंडी लोकसभा सीट पर जीत हासिल कर ली है.

निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को घोषित चुनाव परिणाम के अनुसार, कांग्रेस ने अपनी फतेहपुर और अर्की सीटें बरकरार रखी हैं, जबकि जुबल-कोटखाई सीट भाजपा से छीनने में कामयाब हुई है.

मंडी लोकसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी व कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और करगिल युद्ध के अनुभवी सैनिक भाजपा प्रत्याशी कौशल ठाकुर को हरा दिया है.

गौरतलब है कि मंडी लोकसभा सीट से भाजपा के राम स्वरूप शर्मा ने 2019 लोकसभा चुनाव में 4,05,000 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी. फतेहपुर से भवानी सिंह पठानिया, अर्की से संजय और जुबल-कोटखाई से रोहित ठाकुर ने जीत दर्ज की है.

राज्य कांग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौड़ ने भाजपा की हार के बाद नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से इस्तीफा मांगा है.

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस ने ‘सेमीफाइनल’ जीत लिया है और अगले साल दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों में भी जीत दर्ज करेगी.

हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल के अभय चौटाला ने जीती ऐलनाबाद विधानसभा सीट

इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) के नेता अभय सिंह चौटाला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गोविंद कांडा को हरियाणा के ऐलनाबाद निर्वाचन क्षेत्र में हुए विधानसभा उपचुनाव में 6,700 मतों से पराजित किया. कांग्रेस के उम्मीदवार पवन बेनीवाल तीसरे स्थान पर रहे.

अधिकारियों ने बताया कि आईएनएलडी के उम्मीदवार ने लगभग 66,000 मत प्राप्त किए. केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में चौटाला ने जनवरी में विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद उपचुनाव हुए.

इस सीट पर 19 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया था जिनमें से ज्यादातर निर्दलीय उम्मीदवार थे. गोविंद कांडा, हरियाणा लोकहित पार्टी के अध्यक्ष और विधायक गोपाल कांडा के भाई हैं और वह पिछले महीने भाजपा में शामिल हुए थे.

मध्य प्रदेश में भाजपा ने जोबट सीट जीती, रैगांव में कांग्रेस, पृथ्वीपुर में भाजपा आगे

मध्यप्र देश की जोबट विधानसभा सीट से उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी सुलोचना रावत विजयी रही हैं. सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली है.

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार रावत ने कांग्रेस के महेश पटेल को 6,104 मतों के अंतर से हराया. कांग्रेस विधायक कलावती भूरिया के निधन से यहां उपचुनाव करना पड़ा.

समाचार प्राप्त होने तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की पृथ्वीपुर सीट पर भी भाजपा के उम्मीदवार शिशुपाल यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 13,507 मतों से आगे हैं, जबकि रैगांव विधानसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार कल्पना वर्मा अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा की प्रतिमा बागरी से 12,062 मतों से आगे हैं.

खंडवा लोकसभा सीट के उपचुनाव की मतगणना में भाजपा के ज्ञानेश्वर पाटिल 78,959 मतों से आगे हैं.

बिहार की दोनों सीटों पर जदयू का कब्जा बरकरार 

सत्तारूढ़ जदयू ने कुशेश्वर स्थान (सुरक्षित) विधानसभा सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा और उसने लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल को 12,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया.

जनता दल (यू) के अमन भूषण हजारी को 58,882 मत मिले, जबकि राजद उम्मीदवार गणेश भारती को 47,184 वोट मिले. अमन भूषण हजारी के पिता की मृत्यु के कारण उपचुनाव कराना पड़ा.

निर्वाचन आयोग के अनुसार, तारापुर में जद (यू) उम्मीदवार राजीव कुमार सिंह ने राजद के अरुण कुमार साह को करीब 4,000 मतों से हराया. सिंह को 78,966 वोट मिले जबकि साह को 75,145 मतों से ही संतोष करना पड़ा.

तारापुर में जद (यू) विधायक मेवालाल चौधरी की मृत्यु के कारण उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी थी.

आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसी ने बाडवेल विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की

सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस ने मंगलवार को बाडवेल (अनुसूचित जाति) विधानसभा सीट पर फिर से जीत हासिल कर ली. वाईएसआर कांग्रेस (युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस) की उम्मीदवार ने एकतरफा मुकाबले में 90,089 के रिकॉर्ड मतों के अंतर से जीत दर्ज की.

वाईएसआर कांग्रेस की दसारी सुधा ने इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा के पी. सुरेश को हराया. सुधा को मंगलवार को हुई मतगणना में 1,11,710 मत मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को केवल 21,621 मत मिले. इस सीट पर कुल 2,15,292 मतदाताओं में से 68.38 प्रतिशत ने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.

मार्च में मौजूदा विधायक वेंकट सुब्बैया के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी. वाईएसआर कांग्रेस ने उपचुनाव के लिए सुब्बैया की पत्नी को प्रत्याशी बनाया था और उन्होंने रिकॉर्ड मतों के अंतर से जीत दर्ज की.

सुब्बैया ने 2019 में 44,734 मतों से जीत दर्ज की थी. मुख्य विपक्षी दल तेलुगु देशम पार्टी ने उपचुनाव नहीं लड़ा जबकि कांग्रेस की पीएम कमलअम्मा को महज 6,205 मत मिले और 3,635 मत नोटा को पड़े.

तेलंगाना

समाचार लिखे जाने तक हुजूराबाद विधानसभा सीट पर तीन चरणों के बाद भाजपा के उम्मीदवार ई. राजेंद्र अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तेलंगाना राष्ट्र समिति के गेलू श्रीनिवास यादव से आगे चल रहे हैं.

महाराष्ट्र

शाम साढ़े सात बजे तक नांदेड़ जिले की देगलूर (अजा) विधानसभा सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार जितेश रावसाहेब अंतापुरकर,भाजपा के उम्मीदवार सुभाष पिराजीराव सबने से आगे चल रहे हैं.

कर्नाटक में सिंडगी से भाजपा, हंगल में कांग्रेस जीती

दो विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने सिंडगी सीट पर जीत दर्ज की, लेकिन हंगल में वह कांग्रेस से हार गई.

निर्वाचन आयोग द्वारा मंगलवार को घोषित किए गए नतीजों के अनुसार, सिंडगी में भाजपा के रमेश भूसानुर ने 31,185 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. उन्हें 93,865 मत मिले, जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अशोक मानागुली को 62,680 मत मिले.

हंगल में कांग्रेस के श्रीनिवास माने 7,373 मतों से जीते. उन्हें 87,490 मत मिले जबकि उनके करीबी प्रतिद्वंद्वी भाजपा के शिवराज सज्जनार को 80,117 मत मिले.

जनता दल (सेक्यूलर) की सिंडगी से उम्मीदवार नाजिया शकील अहमद अंगाड़ी और हंगल से नियाज शेख क्रमश: 4,353 और 920 मत हासिल करते हुए तीसरे स्थान पर रहे.

सिंडगी से जद (एस) विधायक एमसी मानागुली और हंगल से भाजपा केसीएम उदासी के निधन के कारण इन सीटों पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी.

भाजपा का हंगल से हारना मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के लिए झटका माना जा रहा है क्योंकि यह हावेरी जिले में उनके शिग्गांव विधानसभा क्षेत्र का पड़ोसी निर्वाचन क्षेत्र है और उन्होंने यहां काफी प्रचार किया था. यह मुख्यमंत्री बनने के बाद बोम्मई के लिए पहली बड़ी चुनावी चुनौती भी थी.

कांग्रेस उपचुनावों में पार्टी के प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आ रही है क्योंकि उसने भाजपा से हंगल सीट जीत ली है जबकि सिंडगी में उसके प्रदर्शन में सुधार हुआ है जहां 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद उसे तीसरा स्थान मिला था.

सिंडगी विधानसभा सीट पर करीब 69.47 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था जबकि हंगल सीट पर 83.76 प्रतिशत मतदान हुआ था. दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 19 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे.

असम में सत्तारूढ़ भाजपा व सहयोगी यूपीपीएल ने एक-एक सीट जीती, तीन पर बढ़त

विधानसभा की पांच सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए डाले गए मतों की गणना में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी यूपीपीएल ने एक-एक सीट जीत ली है और दो दोनों दल मंगलवार दोपहर तक तीन अन्य सीटों पर भी बढ़त बनाए हुए हैं.

भाजपा प्रत्याशी सुशांता बोरगोहेन ने 30, 561 मतों के अंतर से थोवरा सीट जीत ली है जबकि यूनााइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के प्रत्याशी जिरोन बासुमतारी ने 28,252 मतों से गोसाईगांव सीट पर कब्जा कर लिया है.

भाजपा उम्मीदवार- फणीधर तालुकदार (भवानीपुर) और रूपज्योति कुर्मी (मरियानी) सीट पर काफी बड़े अंतर से आगे चल रहे हैं जबकि यूपीपीएल के जोलेन दैमारी भी तामुलपुर सीट जीतने की दिशा में बढ़ रहे हैं.

बोरगोहेन को 54,956 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, रायजोर दल के धैज्य कोंवर, जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़े, 24,395 वोट हासिल करने में सफल रहे.

बोरगोहेन 2011 में पहली बार शिवसागर जिले के थौरा निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक बने. वह 2016 के चुनाव में हार गए, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के मौजूदा विधायक कुशल डोवारी को 2,006 मतों से हराकर जीत हासिल की.

उन्होंने पार्टी के भीतर ‘बदले हुए आंतरिक राजनीतिक माहौल’ का हवाला देते हुए 30 जुलाई को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था.

गोसाईगांव में बासुमतारी को 58,769 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के जोवेल टुडू 30,517 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे.

इस जीत के साथ, 126 सदस्यीय असम विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर 60 और यूपीपीएल की छह हो गई. सत्तारूढ़ गठबंधन में दूसरे सहयोगी, असम गण परिषद, जिसने उपचुनाव में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था, उसके नौ विधायक हैं.

विपक्षी खेमे में कांग्रेस का संख्याबल 27 है, एआईयूडीएफ के 15, बीएफ के तीन और माकपा का एक विधायक है. एक निर्दलीय विधायक भी है.

मेघालय में सत्तारूढ़ एनपीपी को दो सीटों और यूडीपी को एक पर मिली जीत

मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) नीत मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) को मंगलवार को तीन विधानसभा सीटों पर जीत मिली है.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी एफआर खार्कोंगोर ने बताया कि नेशनल पीपुल्स पार्टी ने कांग्रेस से राजबाला और मावरेंगकेंग विधानसभा सीटें छीन ली, वहीं एमडीए सरकार में सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी को मावफलांग सीट पर जीत हासिल हुई.

राजबाला सीट से एनपीपी के उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुस सालेह ने कांग्रेस की अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी हसीना यास्मीन मंडल को 1,926 मतों से हराया. मंडल के पति आजाद जमान के निधन के बाद इस सीट पर विधानसभा चुनाव कराना पड़ा. मंडल को 9,897 मत जबकि सालेह को 11,823 मत मिले.

अधिकारी ने बताया कि यूडीपी के अशाहेल डी शिरा 7,247 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. मावरेंगकेंग विधानसभा सीट पर एनपीपी के पिनिएड सिन्ह सियेम ने कांग्रेस के उम्मीदवार एवं अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी हाईलैंडर खारमलकी को 1,816 मतों के अंतर से हराया. सियेम को 14,177 जबकि खारमलकी को 12,361 मत मिले.

वहीं यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) की तरफ से मावफलांग सीट पर पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी यूगेनेसन लिंगदोह ने कांग्रेस के केसी खाइरेम को हराया.

यूगेनेसन के विधायक पिता एसके सुन की इस साल की शुरुआत में कोविड-19 से निधन हो गया था. पूर्व खिलाड़ी को 13,285 जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार को 8,884 वोट मिले. वहीं नेशनल पीपुल्स पार्टी का उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहा.

मावरेंगकेंग और राजबाला से कांग्रेस विधायकों और मावफलांग से निर्दलीय विधायक की मौत के कारण उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी.

इस परिणाम के साथ ही 60 सीटों वाली विधानसभा में एनपीपी के सदस्यों की संख्या 23 और यूडीपी के सदस्यों की संख्या आठ हो गई. भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के साथ क्रमश: दो और चार विधायक हैं. विपक्षी पार्टी कांग्रेस की संख्या अब 19 से घटकर 17 हो गई.

मिजोरम में तुइरियल सीट पर सत्तारूढ़ एमएनएफ के उम्मीदवार जीते

तुइरियल सीट पर हुए उपचुनाव में सत्तारूढ़ एमएनएफ के उम्मीदवार के लालदॉन्गलियाना ने कुल 14,561 मतों में से 39.96 प्रतिशत मत हासिल कर जीत दर्ज कर ली है.

चुनाव आयोग ने बताया कि के. लालदॉन्गलियाना ने अपने निकटतम प्रतिद्वन्द्वी जोरम पीपुल्स पार्टी (जेडपीएम) के लालथनमाविया को 1,284 मतों से मात दी. लालदॉन्गलियाना को 5,820 और लालथनमालिया को 4,536 (31.15 प्रतिशत) मत मिले.

कांग्रेस प्रत्याशी चालरोसंगा राल्ते 3,927 (26.96 प्रतिशत) मत हासिल कर तीसरे नंबर रहे. वहीं, भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के. लालदिंथरा को 246 (1.86 प्रतिशत) वोट मिले.

मतगणना कड़ी सुरक्षा के बीच कोलासिब सरकारी कॉलेज में सुबह आठ बजे से शुरू हुई थी. जोरम पीपुल्स पार्टी (जेडपीएम) के विधायक एंड्र्यू एच थांगलियाना के निधन के बाद कोलासिब जिले की इस सीट पर उपचुनाव हुआ.

दादरा और नगर हवेली उपचुनाव में शिवसेना को मिली जीत

शिवसेना उम्मीदवार कलाबेन डेलकर ने दादरा और नगर हवेली लोकसभा सीट (अजा) पर हुए उपचुनाव में 51,269 मतों के अंतर से जीत दर्ज की है. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने यह जानकारी दी. पूर्व निर्दलीय सांसद मोहन डेलकर के निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी.

उनकी पत्नी कलाबेन डेलकर (50) को उपचुनाव में 1,18,035 मत प्राप्त हुए. कलाबेन के निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी के महेश गावित को 66,766 मत हासिल हुए.

कांग्रेस के उम्मीदवार महेश धोड़ी को 6,150 वोट मिले. महाराष्ट्र सरकार में कांग्रेस और शिवसेना सहयोगी दल हैं लेकिन इन्होंने उपचुनाव अकेले लड़ा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *