आलिया भट्ट की गोद भराई रस्म में होंगे वीगन फूड्स, जानें प्रेग्नेंसी में यह डाइट कितनी हेल्दी?


हाइलाइट्स

आलिया भट्ट जल्द बनने वाली हैं मां.
गोर भराई रस्म में खाने की लिस्ट में होंगे वीगन फूड्स.
वीगन डाइट पूरी तरह से शाकाहारी प्लांट-बेस्ड डाइट है.

Vegan During Pregnancy: आलिया भट्ट इन दिनों बेहद खुश हैं. एक तो उनकी फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ अच्छी चल रही है और दूसरी, वे बहुत जल्द मम्मी भी बनने वाली हैं. प्रेग्नेंसी के बाद उनके चेहरे पर भी गजब का ग्लो देखने को मिल रहा है. क्या ये ग्लो विगन डाइट का कमाल है? दरअसल, आलिया ने वर्ष 2020 में ही पूरी तरह से शाकाहारी खानपान को अपना लिया था. इधर खबरें ये भी आ रही हैं कि आलिया के घर बहुत जल्द गोद भराई की रस्म की जाएगी, जिसमें उन्होंने विगन मेन्यू को चुना है. फिलहाल आलिया प्रेग्नेंसी के तीसरी तिमाही में पहुंच चुकी हैं. ऐसे में हर गर्भवती महिला के लिए ये जानना बेहद ज़रूरी है कि क्या प्रेग्नेंसी में विगन डाइट को अपनाना कितना हेल्दी होता है? क्या गर्भावस्था के दौरान इस आहार को फॉलो करने से सारे आवश्यक पोषक तत्वों की प्राप्ति होती है? आइए जानते हैं यहां.

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क्या है वीगन डाइट?
अपोलो हॉस्पिटल (नई दिल्ली) की चीफ न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. प्रियंका रोहतगी कहती हैं कि वीगन डाइट पूरी तरह से शाकाहारी डाइट है, जिसमें प्लांट बेस्ड फूड्स शामिल होते हैं. इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, अनाज, नट्स, दालें, फलियां आदि शामिल होती हैं, लेकिन मांस-मछली, अंडा, दूध, दही, छाछ, पनीर, अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं होते हैं. एक स्वस्थ शरीर के लिए ये सभी खाद्य पदार्थ बहुत ज़रूरी हैं. वीगन डाइट में जानवरों या उनके द्वारा बनाए गए किसी भी प्रोडक्ट्स को शामिल नहीं किया जाता है. लेकिन, गर्भावस्था में वीगन डाइट पर ही निर्भर रहना बहुत सही नहीं.

प्रेग्नेंसी में वीगन डाइट कितना हेल्दी?
डॉ. प्रियंका रोहतगी कहती हैं चूंकि वीगन डाइट में मांस, मछली, जानवरों से प्राप्त चीजें जैसे दूध, डेयरी प्रोडक्ट्स, घी आदि शामिल नहीं होते हैं. ऐसे में ये एक गर्भवती महिला के लिए वीगन डाइट बेहतर विकल्प नहीं है. इससे शरीर को कई तरह के जरूरी पोषक तत्व प्राप्त नहीं होते हैं. प्रेग्नेंसी एक ऐसा फेज है, जिसमें आपको कैल्शियम, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, बी12 आदि की ज़रूरत काफी अधिक होती है. अगर एक गर्भवती लगातार ये सभी न्यूट्रिएंट्स नहीं लेती है, तो जन्म के दौरान शिशु का वजन उतना नहीं होगा, जितना की होना चाहिए. उसका विकास सही तरीके से नहीं होगा. प्रेग्नेंसी के तीसरे महीने से ही कैल्शियम और आयरन के सप्लीमेंट लेने चाहिए. अगर बिल्कुल ही दूध या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन नहीं कर रही हैं, तो यह काफी चैलेंजिंग हो सकता है.

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वीगन डाइट नॉर्मल रूटीन लाइफ में फॉलो करना ठीक है, लेकिन चूंकि इसमें कई आवश्यक चीजें, खाद्य पदार्थ शामिल नहीं होते, इसलिए प्रेग्नेंसी में वीगन डाइट अपनाना सही नहीं होता. गर्भावस्था में कैल्शियम, प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन बी, बी12 की ज़रूरत काफी अधिक होती है, जिनके लिए बेस लाइन डाइट में सप्लीमेंट भी अधिक मात्रा में शामिल करने की जरूरत हो सकती है, क्योंकि वीगन डाइट में ये सभी पोषक तत्वों की कमी होती है.

कोई शाकाहारी है तो क्या करे?
यदि कोई वीगन डाइट फॉलो करता है या पूरी तरह से शाकाहारी है, तो फिर उन्हें अधिक मात्रा में फलियां, दालों का सेवन करना होगा. अधिक मात्रा में दाल से बनी चीजों का सेवन करना होगा. स्प्राउंट्स खाएं, क्योंकि ये अनाज होते हैं. नट्स जैसे बादाम, पिस्ता, बीज जैसे सूरजमुखी, खरबूजे का बीज, तरबूज के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियों, फलों का सेवन अधिक करना होगा, क्योंकि इनमें आयरन, कैल्शियम अधिक होते हैं. चूंकि, दूध, दही या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स नहीं होता है वीगन डाइट में इसलिए विटामिन डी और बी12 की पूर्ति के लिए सप्लीमेंट लेने की आवश्यकता पड़ती है. आप प्रोटीन, कैल्शियम के लिए सोयाबीन ले सकते हैं. वीगन डाइट में दूध, दही, पनीर से प्राप्त न्यूट्रिएंट्स की कमी को पूरी करने के लिए आपको सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहना होगा.

Tags: Health, Healthy Foods, Lifestyle, Pregnancy



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