आयुर्वेद में बड़ा रौब रखती हैं ये 5 चीजें, हाइपरटेंशन का हैं सस्ता इलाज


Hypertantion Prevention Tips: हाइपरटेंशन एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें नसों के अंदर ब्लड का फ्लो तो बढ़ा हुआ होता ही है, साथ ही यह ब्लड इन धमनियों की अंदरूनी वॉल पर बहुत अधिक तेजी से प्रेशर डाल रहा होता है. आप इसे इस तरह समझ सकते हैं कि किसी पाइप के अंदर पानी का फ्लो हो रहा है लेकिन फ्लो इतना ज्यादा है कि मानो किसी भी पल पाइप फट जाएगा… जब शरीर के अंदर यह कंडीशन ब्लड फ्लो के साथ होती है तो यह स्ठिति हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक की वजह बन जाती है. कुछ मामलों में ब्रेन हैमरेज और क्लोटिंग की समस्या को भी ट्रिगर कर सकती है.

इस बीमारी से जुड़ी सबसे खतरनाक बात ये है कि आप इसे बीमारी भी नहीं कह सकते! क्योंकि ना तो इसके कोई लक्षण होते हैं और जब तक कि ये विकराल रूप धारण ना कर ले यानी कि इसके कारण हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक, जैसी समस्याएं ना हो जाएं, इसके बारे में पता भी नहीं चल पाता है. अब सवाल उठता है कि इसके बारे में पता कैसे लगाएं? तो इसका उत्तर है कि आपको रेग्युलर अपना बीपी चेक कराते रहना चाहिए.

हाइपरटेंशन के लक्षण?

जैसे कि हम पहले ही बता चुके हैं कि इसके कोई लक्षण शरीर पर दिखाई नहीं देते हैं. लेकिन आप बीपी चेक करके इसके बारे में जान सकते हैं.

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  • एक हेल्दी व्यक्ति का बीपी 120/80 होता है और इसे नॉर्मल माना जाता है. लेकिन आज के समय में इसे बढ़ाकर 130/90 कर दिया गया है. हालांकि लिखित तौर पर नहीं लेकिन प्रैक्टिकली डॉक्टर्स इसे नॉर्मल बताने लगे हैं क्योंकि आजकल की लाइफ में तनाव बहुत है.
  • लेकिन यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 140/90 से ऊपर आता है तो इसे हाइपरटेंशन की स्थिति माना जाता है. लेकिन यदि ब्लड प्रेशर 180/120 आ जाए तो यह स्थिति घातक होती है. यानी व्यक्ति रिस्क में है और किसी भी पल कुछ भी हो सकता है.

हाइपरटेंशन से बचने का तरीका?

  1. कम नमक खाएं.
  2. मसालों का सेवन अधिक ना करें.
  3. सोने-जागने का समय सही रखें.
  4. हर दिन 7 घंटे की नींद जरूर लें.
  5. हर दिन एक्सर्साइज जरूर करें.

हाइपरटेंशन से बचने के लिए क्या खाएं?

आयुर्वेद में हाइपरटेंशन से बचने के लिए जिन फूड्स को सबसे अधिक प्रभावी माना गया है, उनके नाम ये हैं…

  1. आंवला- सर्दी के मौसम में आंवला जूस का सेवन सुबह खाली पेट करें. या फिर इसे फल के रूप में खा लें.
  2. अर्जुन की चाय- डिनर के डेढ़ से दो घंटे बाद और सोने से करीब आधा घंटा पहले अर्जुन की छाल की चाय बनाकर पिएं. इसे बनाने की विधि नीचे बताई गई है.
  3. काली मिर्च- हर सुबह खाली पेट एक काली मिर्च को गर्म पानी के साथ खा लें.
  4. लहसुन- हर सुबह खाली पेट लहसुन की एक लौंग को चबाकर खा लें.
  5. मुनक्का- रात को 8 से 10 मुनक्का पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट इनका सेवन करें.

कैसे बनाए अर्जुन की छाल से चाय?

अर्जुन के पेड़ की छाल और इस छाल से तैयार पाउडर दोनों ही आपको किसी भी आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर या हर्ब स्टोर पर मिल जाएंगे.

  • आप एक कप पानी और एक कप दूध लें
  • अब दोनों को मिलाकर पकने के लिए रखें
  • इसमें एक छोटा चम्मच अर्जुन की छाल डाल दें
  • इसे तब तक पकाएं जब तक कि सारा पानी भाप बनकर उड़ ना जाए.
  • अब इसमें 1 चुटकी हल्दी पाउडर, एक काली चुटकी काली मिर्च पाउडर, एक चुटकी दालचीनी पाउडर डाल दें. एक उबाल आने के बाद गैस बंद करें और छानकर इस चाय का स्वाद लें.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

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